प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण का आरोप, सीपत में 3 पर एफआईआर, चंगाई सभा में प्रलोभन देने की शिकायत…@

कशिश न्यूज | सीपत
बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम मोहरा में प्रार्थना सभा की आड़ में कथित तौर पर प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने का मामला सामने आया है। शिकायत के आधार पर सीपत पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 तथा छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 3 और 4 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार ग्राम मोहरा कछरीपारा निवासी सुमित यादव (24) ने सीपत थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है कि रविवार सुबह गांव में रामस्वरूप सूर्यवंशी के घर आयोजित प्रार्थना सभा में लोगों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। सूचना मिलने पर वह अपने साथियों धीरज भोई, सुभाष साहू और शुभांशु भोई के साथ मौके पर पहुंचा।
शिकायत में बताया गया है कि सभा में रामस्वरूप सूर्यवंशी, जितेंद्र सूर्यवंशी और बिलासपुर निवासी पंकज कुमार करियारे मौजूद थे। आरोप है कि सभा के दौरान लोगों को अच्छे परिवार में शादी, मुफ्त इलाज, स्वास्थ्य लाभ और बेहतर जीवन सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था। साथ ही हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर सनातन धर्म छोड़ने के लिए उकसाने का आरोप भी लगाया गया है।
मौके पर जुटी थी भीड़, पुलिस ने बंद कराई सभा
ग्रामीणों के अनुसार रामस्वरूप सूर्यवंशी के घर के आंगन में टीन शेड के नीचे बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। सभा स्थल पर बाइबल सहित नाश्ते और अन्य व्यवस्थाएं भी की गई थीं। माहौल बिगड़ने की आशंका के बीच ग्रामीणों ने इसकी सूचना तत्काल सीपत थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सभा को बंद कराते हुए प्रारंभिक साक्ष्य जुटाए।
पुलिस ने मामले में रामस्वरूप सूर्यवंशी, जितेंद्र सूर्यवंशी और पंकज कुमार करियारे के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की है। प्रशासन का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है।
जिले में बढ़ रहे धर्मांतरण के मामले, 16 माह में 58 केस दर्ज
बिलासपुर जिले में प्रार्थना सभा और चंगाई सभा की आड़ में कथित धर्मांतरण के मामलों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 तक जिले में ऐसे 58 मामले दर्ज किए जा चुके हैं। आरोप है कि गरीब, बीमार और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को इलाज, नौकरी, शादी, आर्थिक मदद और शराब छुड़ाने जैसे प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है। कई मामलों में महिलाओं और बच्चों को भोजन व सहायता के माध्यम से सभाओं में जोड़ने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
