क्राइम

एनटीपीसी के 70 फिट ऊंची राखड़ डेम से हाइड्रा क्रेन गिरा… चालक सहित 5 मजदूर घायल…3 घण्टे कैबिन में फंसा रहा ड्राइव्हर, प्रबंधन ने सड़क में हादसा होना बताया….?

सीपत (रियाज़ अशरफी)। एनटीपीसी सीपत के 70 फिट ऊंची राखड़ डेम से हाइड्रा क्रेन पलट गया। हाइड्रा में ऑफ़रेटर के अलावा अन्य 4 मजदूर सवार थे सभी घायलों का इलाज बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में चल रहा है जहां 1 मजदूर स्थिति गम्भीर है बांकी लोगो को सामान्य चोंट आई है। एनटीपीसी प्रबंधन ने इस घटना को डेम के समीप सड़क में होना बता रहा है।

मालूम हो कि ग्राम रांक स्थित एनटीपीसी के 2 नम्बर राखड़ डेम में सोमवार की सुबह लगभग 10 बजे ठेका कंपनी केएस इंजीनियरिंग के 4 मजदूरों को लेकर हाइड्रा चालक डेम के ऊपर राखड़ पाइप की रिपेयरिंग करने के लिए जा रहा था इसी दौरान हाइड्रा का बैलेंस बिगड़ गया और 70 फिट नीचे लुढ़कते हुए सड़क के पास नाली में जा गिरा।

इस दौरान हाइड्रा में सवार मजदूर कृष्ण कुमार धुर्व उम्र 48 वर्ष और मंगल प्रसाद उम्र 38 वर्ष निवासी सोनभद्र (उप्र) हाइड्रा से छिटककर दूर जा गिरे जबकि चालक मुकेश विश्वकर्मा 38 वर्ष हाल निवास खांडा एवं मजदूर हेमलाल उम्र 44 वर्ष, जयरामनगर,चैतराम मंजारे उम्र 42 वर्ष रांक निवासी हाइड्रा में फंस गए किसी तरह डेढ़ घण्टे की मेहनत के बाद मजदूर हेमलाल एवं चैततराम मंजारे को बाहर निकाला गया। लेकिन हाइड्रा चालक मुकेश विश्वकर्मा शीट और केबिन के बीच मे बुरी तरह फंस गया। जिसे बाहर निकालने एस डाइक 1 से पोकलेन बुलवाकर 3 घण्टे की मसक्कत के बाद निकला गया सभी घायलों का इलाज अपोलो में चल रहा है। घायलों में कृष्णकुमार धुर्व को ज्यादा चोंट लगी है।

एनटीपीसी प्रबंधन ने कहा सड़क में हुआ है हादसा

घटना को लेकर एनटीपीसी सीपत प्रबंधन की ओर से बयान जारी किया गया है। जिसमे बताया गया है कि घटना एस डाइक 2 की ओर जाने वाली सड़क में हुआ है। और हादसा होने से पहले दो मजदूरों का हाइड्रा के केबिन से बाहर निकलना बताया गया है। जबकि परिस्थिति इससे विपरीत है।

हाइड्रा चालक को निकालते बचाव दल

एनटीपीसी की ओर से जारी बयान

आज सुबह लगभग 10.30 बजे एनटीपीसी सीपत के ऐश डाइक-2 की तरफ जाने वाली सड़क पर मेसर्स के एस इंजीनियरिंग के हाइड्रा पलटने की घटना हुई। हाइड्रा पलटने से पहले हाइड्रा केबिन में से दो संविदा श्रमिक बाहर निकल गए। घटना की सूचना प्राप्त होते ही आस पास के ग्रामीण, एनटीपीसी के अधिकारी तथा मेडिकल टीम, सीआईएसएफ़ एवं सीपत पुलिस कर्मी घटना स्थल पर पहुँचे एवं सभी के सहयोग से अन्य क्रेन (पोकलेन) के माध्यम से हाइड्रा केबिन में फँसे तीन अन्य संविदा श्रमिकों को भी सुरक्षित निकाल लिया गया। आगे की चिकित्सा एवं जांच हेतु सभी घायलों का इलाज अपोलो अस्पताल बिलासपुर में जारी है। अस्पताल से प्राप्त जानकारी के अनुसार सभी की हालत स्थिर है तथा सभी ख़तरे से बाहर हैं।

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