सीपत पुलिस का नशे के खिलाफ महाअभियान: 4 दिन में 4 बड़ी कार्रवाई, 167.300 लीटर अवैध शराब जप्त, 4 आरोपी जेल दाखिल

कशिश न्यूज़ | सीपत
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में चलाए जा रहे “चेतना विरुद्ध नशा अभियान” के तहत सीपत पुलिस ने अवैध शराब कारोबार पर करारा प्रहार किया है। लगातार चार दिनों तक चले इस सघन अभियान में सीपत पुलिस ने चार बड़ी कार्रवाइयाँ करते हुए 167.300 लीटर अवैध शराब जप्त कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा है।

पहली कार्रवाई 2 फरवरी मंगलवार को ग्राम नरगोडा और देवरी में की गई। थाना प्रभारी राजेश मिश्रा के निर्देश पर गठित दो पुलिस टीमों ने एक साथ दबिश दी। इस दौरान अमन लोनिया (22 वर्ष) निवासी नरगोडा भांठा के कब्जे से 15 लीटर कच्ची महुआ शराब, जबकि जगत नारायण वस्त्रकार (40 वर्ष) निवासी देवरी भांठापारा से 35 पाव देशी प्लेन शराब (6.300 लीटर) जप्त की गई। दोनों आरोपियों को आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजा गया।

तीसरी बड़ी कार्रवाई 4 फरवरी बुधवार को ग्राम खांडा में हुई, जहाँ पुलिस ने शराब बनाते हुए अंजनी सिदार (25 वर्ष) पति राजेश सिदार को मौके पर रंगे हाथ पकड़ लिया। महिला आरोपी से 110 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब सहित शराब निर्माण में उपयोग होने वाले उपकरण एलुमिनियम डेचका, कोपरा व पाइप—जप्त किए गए। आरोपी के विरुद्ध आबकारी एक्ट की धारा 34(1)(क)(च), 34(2) के तहत कार्रवाई कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
चौथी कार्रवाई गुरुवार को ग्राम सीपत बाजार पारा में की गई। यहाँ बिजय वर्मा (22 वर्ष) पिता रामकुमार वर्मा को अवैध कच्ची महुआ शराब बनाते हुए गिरफ्तार किया गया। आरोपी के पास से 36 लीटर कच्ची महुआ शराब एवं निर्माण उपकरण जप्त किए गए। उसके विरुद्ध भी आबकारी एक्ट की धारा 34(1)(क)(च), 34(2) के तहत मामला दर्ज कर जेल भेजा गया।

लगातार चार दिनों में हुई इन सख्त कार्रवाइयों से सीपत थाना क्षेत्र में अवैध शराब कारोबारियों में अफरा-तफरी का माहौल है। पुलिस की इस मुहिम से स्पष्ट हो गया है कि नशे के कारोबार के खिलाफ अब जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है।
इस संबंध में सीपत थाना प्रभारी टीआई राजेश मिश्रा ने कहा कि अवैध नशा कारोबार के खिलाफ हमारी कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। किसी भी कीमत पर नशे के सौदागरों को बख्शा नहीं जाएगा।
क्षेत्र में यह चर्चा आम है कि टीआई राजेश मिश्रा भले ही स्वभाव से शांत हों, लेकिन नशे के मामलों में उनकी कार्रवाई बेहद कठोर और असरदार है। वहीं, इतनी बड़ी मात्रा में शराब की बरामदगी के बाद आबकारी विभाग की निष्क्रियता को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं, जिस पर अब सबकी निगाहें टिकी हैं।



