क्राइम

बच्चों का शव रखकर स्कूल में प्रदर्शन व नारेबाजी, प्रधानपाठक सहित तीन शिक्षक निलंबित…@

मृतक के परिजनों को 5-5 लाख मुआवजा देने की घोषणा

@ रियाज़ अशरफी

बिलासपुर जिला के मस्तूरी ब्लॉक अंतर्गत आने वाले शासकीय प्राथमिक शाला, दर्राभाठा के दो छात्रों की तालाब में डूबकर मौत हो गई थी। इससे आक्रोशित ग्रामीण परिजनों के साथ बुधवार की सुबह बच्चों का शव लेकर स्कूल पहुंच गए। साथ ही शिक्षकों के ऊपर कार्रवाई और मुआवजे की मांग करने लगे। इसकी जानकारी होने पर डीईओ ने तत्काल दर्राभाठा स्कूल में पदस्थ सभी तीन शिक्षकों की लापरवाही पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

स्कूल के अंदर टेबल में बच्चों के शव को रखकर प्रदर्शन करते 

सीपत तहसील के ग्राम दर्राभाठा में मंगलवार को मध्यान्ह भोजन के बाद कक्षा दूसरी के छात्र समीर पटेल और उसी कक्षा के छात्र वंश भट्ट अपने दो साथियों के साथ स्कूल के करीब स्थित पथरी तालाब पहुंच गए। जहां चारो बच्चे तालाब में नहाने के लिए उतरे। इनमें से दो बच्चे तैर कर बाहर निकल गए, लेकिन समीर और वंश की तालाब में डूबने से मौत हो गई। बच्चों के स्कूल से नहीं लौटने के बाद पालकों ने तलाश शुरू की, तब पता चला कि उनका बैग व कपड़े स्कूल में ही है। बच्चों के गायब होने की जानकारी शिक्षकों को भी नहीं थी। मंगलवार की रात 9:30 बजे दोनों बच्चों का शव तालाब से निकाला गया। पुलिस उक्त मामले में अपराध दर्ज कर कार्रवाई कर रही है। वहीं बुधवार की सुबह परिजन और ग्रामीण सीपत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पोस्टमार्टम के बाद बच्चों का शव लेकर दर्राभांठा के बाजारपार स्थित उसी स्कूल में पहुंच गए जहां बच्चे पढ़ते थे।

स्कूल के सामने दोनों बच्चों के शव को रखकर प्रदर्शन करते

ग्रामीणों ने दोनों बच्चों का शव को स्कूल के शिक्षक कक्ष के टेबल में रखकर खूब आक्रोश जताते हुए जमकर प्रदर्शन किया। समझाइस के बाद बच्चों के शव को स्कूल के सामने बाजार चौक में रखकर तीन घण्टो से अधिक समय तक प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों की लापरवाही से दोनों बच्चों की मौत हुई है। इसलिए उनके खिलाफ अपराध दर्ज कर जेल भेजा जाए।

प्रदर्शन में जुटी ग्रामीणों की भीड़

इस प्रदर्शन की जानकारी मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी टी. आर. साहू ने तत्काल दर्राभाटा स्कूल में पदस्थ प्रभारी प्रधान पाठक धनेश्वरी बाई प्रधान और दो शिक्षक संतोष भोई एवं कंचन नवरंग को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। डीईओ ने जारी निलंबन आदेश में कहा कि विद्यालयीन समय में शाला परिसर से छात्र अन्यत्र जाते हैं, जो शालेय शिक्षकों को उनके पदीय कर्तव्यों के प्रति गैरजिम्मेदारी को प्रदर्शित करता है। जो सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 के विपरीत होने के कारण उनको निलंबित किया गया।

परिजनों को 5 लाख का मुआवजा

मृतक छात्र वंश भट्ट और समीर पटेल के परिजनों ने 5-5 लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। इसमें प्रशासन की ओर से 4-4 लाख व शिक्षा विभाग की ओर से 1-1 लाख रुपये शामिल है। इसकी घोषणा सीपत के नायब तहसीलदार देश कुमार कुर्रे और विकासखंड शिक्षा अधिकारी अश्विनी कुमार भारद्वाज ने की है।

बच्चों को पढ़ाने दूसरे स्कूल से भेजे गए शिक्षक

शासकीय प्राथमिक स्कूल बाजारपारा, दर्राभाठा में पदस्थ सभी तीनो शिक्षकों को निलंबित होने से स्कूल शिक्षक विहीन हो गया। इसलिए बच्चों को पढ़ाने के लिए आगामी व्यवस्था के तहत उसी परिसर में स्थित मिडिल स्कूल से दो शिक्षकों की व्यवस्था कर दी गई है। वहीं एक स्कूल की एक शिक्षक संतान पालन के अवकाश में है। उनको आवश्यक नहीं होने पर स्कूल लौटने को कहा गया है।

Back to top button
error: Content is protected !!
Latest news
डीईओ रामेश्वर जायसवाल ने पंधी स्कूल का किया आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को सराहा; गुणवत्तापूर्ण अध्... अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सीपत भाजपा मंडल के भाजपाईयों ने किया सामूहिक योगाभ्यास, मंडल अध्यक्ष दीपक... पीएम उत्सव में किसानों को मिली सम्मान निधि की सौगात,पोड़ी में 50 किसानों को वितरित हुआ धान बीज,राजेन... केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू पहुंचे सीपत,मोदी सरकार के 12 साल की उपलब्धियां गिनाईं, बोले कश्मीर स... लुतरा शरीफ मदरसे में आधुनिक शिक्षा की नई पहल, बच्चों को मिले डिजिटल पैड, स्पोर्ट्स किट और यूनिफॉर्म.... प्रदेश भाजपा के शीर्ष निर्णय मंच में पहुंचे डॉ. कृष्णमूर्ति बांधी, सीपत में कार्यकर्ताओं ने किया सम्... मध्यप्रदेश शासन में बने स्वास्थ्य विभाग का स्टॉफ क्वार्टर अब खंडहर में तब्दील, हॉस्पिटल के कर्मचारी ... पेंशन एरियर्स और चुनावी शुल्क में गड़बड़ी का आरोप, तत्कालीन सरपंच-सचिव के खिलाफ उपसरपंच ने जिला पंचा... एनटीपीसी के ठेका कंपनी आईएमएस शिपमेंट एजेंसी की लापरवाही ने ली संविदा कर्मी की जान, राखड़ डेम में कर... मन की बात में गूंजा छत्तीसगढ़ का गौरव,पीएम मोदी ने मल्हार के 1500 वर्ष पुराने ताम्रपत्रों और सरगुजा ...