सुशासन के दावों की खुली पोल: न्यायधानी की सड़कें बनीं मौत के गड्ढे, धूल-कीचड़ से बेहाल जनता, 15 दिन में सुधार नहीं तो फूटेगा जनआक्रोश — अंकित गौरहा

कशिश न्यूज | बिलासपुर
सुशासन और विकास के दावों के बीच बिलासपुर शहर की बदहाल सड़कों को लेकर अब जनआक्रोश खुलकर सामने आने लगा है। कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने अशोकनगर–बिरकोना मार्ग एवं सीपत चौक से राजकिशोर नगर मुख्य मार्ग की जर्जर हालत को लेकर कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल सुधार कार्य की मांग की है। ज्ञापन में सड़क की बदहाली, उड़ती धूल, बारिश में कीचड़, लगातार हो रहे हादसे और निर्माण कार्यों में अनियमितताओं जैसे गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं।
अंकित गौरहा ने कहा कि अशोकनगर–बिरकोना मार्ग लंबे समय से खस्ताहाल बना हुआ है। गर्मी में सड़क पर धूल का गुबार उड़ता रहता है, जिससे स्थानीय लोगों को सांस एवं स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं बारिश के दौरान सड़क पर कीचड़ और जलभराव की स्थिति बनने से लोगों का चलना तक मुश्किल हो जाता है। जगह-जगह बने गहरे गड्ढों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में चल रहे नाली निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की अनदेखी की जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए इसकी उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में सीपत चौक से राजकिशोर नगर मुख्य मार्ग पर सड़क खुदाई के बाद सुरक्षा व्यवस्था नहीं किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। आरोप है कि खुदाई के बाद न तो पर्याप्त बैरिकेडिंग की गई और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए, जिसके चलते हाल के दिनों में कई सड़क हादसे हो चुके हैं। कई घटनाएं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हुई हैं, जिनमें विभागीय लापरवाही साफ नजर आ रही है।

स्थानीय निवासी अमित फडणवीस ने बताया कि हादसों को रोकने के लिए उन्होंने स्वयं रेडियम और बांस लगाकर गड्ढे को चारों तरफ से घेरने की व्यवस्था की, जिसके बाद कुछ हद तक दुर्घटनाओं में कमी आई। उन्होंने कहा कि प्रशासन और संबंधित विभाग अब तक मौके पर गंभीरता से नहीं पहुंचे हैं, जबकि आम जनता लगातार परेशानी और खतरे का सामना कर रही है।
अंकित गौरहा ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर सड़क मरम्मत, धूल नियंत्रण, सुरक्षा व्यवस्था और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू नहीं हुई, तो क्षेत्र की जनता के साथ उग्र आंदोलन किया जाएगा।
