सीपत-बलौदा जर्जर सड़क पर प्रशासन-ग्रामीणों के बीच लंबी वार्ता के बाद बनी सहमति, सड़क सुधार के लिए 15 दिन की मोहलत, नहीं बना मार्ग तो 1 जून से भारी वाहनों का चक्काजाम…@

कशिश न्यूज़ | बिलासपुर
सीपत–बलौदा जर्जर मार्ग निर्माण की मांग और नहीं बनने की स्थिति में 16 मई से रखड़ व कोयला परिवहन करने वाले भारी वाहनों के अनिश्चितकालीन चक्काजाम की चेतावनी के बाद प्रशासन हरकत में आ गया है। सोमवार को क्षेत्र के सरपंचों व ग्रामीणों द्वारा बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल को ज्ञापन सौंपे जाने के अगले ही दिन मंगलवार को प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों की टीम ग्राम ग्राम खम्हरिया पहुंची और जनप्रतिनिधियों व ग्रामीणों के साथ बैठक कर सड़क की समस्या पर चर्चा की।
बैठक में एसडीओपी लालचंद मोहले, नायब तहसीलदार पूनम कन्नौजे, लोक निर्माण विभाग के एसडीओ रविंद्र अकेला और थाना प्रभारी राजेश मिश्रा मौजूद रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर सड़क की स्थिति और आंदोलन की चेतावनी को लेकर जानकारी ली।
धनिया सरपंच दुष्यंत यादव ने कहा कि सड़क की आखिरी रिपेयरिंग अक्टूबर 2025 के महीने में हुई थी। उसके बाद से कोई मरम्मत नहीं होने के कारण सड़क की हालत और बदतर हो गई है। रोजाना हादसे हो रहे हैं और लोगों का चलना मुश्किल हो गया है। इस पर पीडब्ल्यूडी के एसडीओ रविंद्र केला ने कहा कि हर 15 दिन में सड़क पर गिट्टी डालने का काम कराया जाता है ताकि हादसों से राहत मिल सके। हालांकि ग्रामीणों ने इस बात पर एतराज जताया।
पूर्व जनपद सभापति नूर मोहम्मद ने दो टूक में कहा कि जब तक सड़क निर्माण शुरू नहीं होगा तब तक क्षेत्र के लोग शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित चक्काजाम के दौरान बस, कार, बाइक व अन्य सवारी वाहनों को नहीं रोका जाएगा, केवल भारी वाहनों को बंद कराया जाएगा। एसडीओपी लालचंद मोहले ने ग्रामीणों से कानून हाथ में नहीं लेने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन समस्या के समाधान के लिए गंभीरता से प्रयास कर रहा है, इसीलिए हम सभी लोग बातचीत करके सुलह का कोई रास्ता निकालने आज बैठे हुए हैं ताकि किसी भी प्रकार की कोई अप्रिय घटना घटित ना हो। खम्हरिया सरपंच प्रतिनिधि शैलेंद्र खांडेकर ने कहा कि सड़क इतनी खराब हो चुकी है कि वाहन चालक सड़क छोड़ किनारे से वाहन चलाने को मजबूर हैं। धूल और डस्ट के कारण सड़क किनारे रहने वाले ग्रामीणों व व्यापारियों का जीना मुश्किल हो गया है।
बैठक के दौरान नायब तहसीलदार पूनम कन्नौजे ने बताया कि सड़क का टेंडर हो चुका है, लेकिन डामर की दरों में करीब 50 प्रतिशत वृद्धि होने के कारण ठेकेदार ने अब तक एग्रीमेंट नहीं किया है। इसी वजह से निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल सीपत से कुली लीलागर नदी तक सड़क के बड़े-बड़े गड्ढों को गिट्टी बेस बनाकर सीमेंट कंक्रीट से भरा जाएगा ताकि सड़क चलने योग्य बन सके और हादसों पर रोक लगाई जा सके।
काफी देर तक चली चर्चा और हंगामे के बाद प्रशासन ने सड़क रिपेयरिंग के लिए 15 दिनों की मोहलत मांगी। इस पर प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी कि खांडा कोल वाशरी के पास से पैच रिपेयरिंग का कार्य शुरू किया जाएगा। पहले डस्ट गिट्टी से गड्ढे भरे जाएंगे, इसके बाद सीमेंट कंक्रीट से ढलाई कर सड़क की मरम्मत की जाएगी।ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने साफ कहा कि यदि 15 दिनों के भीतर संतोषजनक कार्य नहीं हुआ तो क्षेत्र के सभी गांवों के लोग मिलकर 1 जून 2026 से भारी वाहनों के खिलाफ अनिश्चितकालीन चक्काजाम आंदोलन करेंगे, जिसकी विधिवत सूचना प्रशासन को दी जाएगी।
बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि रिपेयरिंग कार्य के दौरान संबंधित स्थानों पर स्टॉपर लगाए जाएंगे तथा पुलिस जवानों की ड्यूटी लगाई जाएगी ताकि यातायात नियंत्रित रहे। साथ ही गांव के जनप्रतिनिधि भी इस कार्य मे सहयोग करेंगे। सीपत भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा ने कहा कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होने और एग्रीमेंट होने तक सड़क की मजबूत रिपेयरिंग जरूरी है, ताकि बारिश के दिनों में लोगों को परेशानी न हो। बैठक के अंत में प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी कि फिलहाल पैच रिपेयरिंग कार्य में सहयोग किया जाएगा, लेकिन कार्य संतोषजनक नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
बैठक में जनपद पंचायत सदस्य देवेश शर्मा, शरद दुबे, मड़ई सरपंच फिरत अनंत,कोमल पाटनवार सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि व ग्रामीण मौजूद रहे।
