सीपत पुलिस और एनटीपीसी प्रबंधन पर प्रताड़ना के आरोप, जनपद सदस्य की एसएसपी से गुहार, निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो कोर्ट जाने की चेतावनी…@

कशिश न्यूज़ | बिलासपुर
सीपत थाना क्षेत्र में वर्तमान जनपद सदस्य व पूर्व जनपद सदस्य के बीच चल रहे विवाद ने अब तूल पकड़ लिया है। जनपद पंचायत मस्तूरी क्षेत्र क्रमांक 8 के जनपद सदस्य रेवा शंकर साहू ने शुक्रवार को ग्रामीणों के साथ वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए सीपत पुलिस और एनटीपीसी प्रबंधन पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें और उनके प्रतिनिधि प्रदीप राठौर को लगातार झूठे मामलों में फंसाने की कोशिश की जा रही है।

बता दें कि एक दिन पहले ही गुरुवार को आदिवासी समाज के लोगों ने सीपत थाना पहुंचकर जनपद सदस्य रेवा शंकर साहू और उनके प्रतिनिधि प्रदीप राठौर के खिलाफ जातिसूचक गाली-गलौज और समाज को धार्मिक कार्यक्रम में बैठने से रोकने जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। इस शिकायत पर सीपत पुलिस ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।

भांजियों से छेड़छाड़ का आरोप, पहले दर्ज हुई थी एफआईआर
रेवा शंकर साहू द्वारा एसएसपी से की गई शिकायत में बताया कि हरदाडीह पंचायत में आयोजित शिव महापुराण कथा के दौरान उनकी नाबालिग भांजियों के साथ गांव के तीन युवकों ने छेड़छाड़, अश्लील हरकत और गाली-गलौज की घटना को अंजाम दिया था। इस संबंध में 15 अप्रैल को सीपत थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से ही विवाद लगातार बढ़ता गया।
राखड़ परिवहन की शिकायत के बाद मारपीट का आरोप
रेवा शंकर साहू ने आरोप लगाया है कि 3 अप्रैल 2026 को एनटीपीसी डैम में राखड़ परिवहन वाले वाहनों में नम्बर प्लेट के माध्यम से गड़बड़ी की शिकायत करने के बाद पूर्व जनपद सदस्य देवी प्रसाद कुर्रे और उनके साथियों ने उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया। वहीं 5 से 15 अप्रैल तक चले शिव महापुराण कार्यक्रम के दौरान भी कई बार विवाद और हंगामा हुआ। उन्होंने सरपंच मंगलराम सिदार और उनके पुत्र पर भी मारपीट के आरोप लगाए हैं।
जनपद सदस्य का कहना है कि 15 अप्रैल को हवन के दौरान वे उपवास में थे और करीब 200 लोगों की मौजूदगी में कार्यक्रम चल रहा था। ऐसे में उनके द्वारा गाली-गलौज या मारपीट के आरोप पूरी तरह निराधार हैं। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस को सूचना दी गई थी, जिसके बाद अतिरिक्त बल मौके पर पहुंचा और हालात काबू में आए।
रेवाशंकर साहू ने एसएसपी रजनेश सिंह से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और उनके खिलाफ दर्ज मामलों की पुनः समीक्षा करने की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे थाना प्रभारी सीपत के खिलाफ न्यायालय का रुख करेंगे।
