शिवमहापुराण केवल एक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, कर्म और मोक्ष के पथ पर अग्रसर करने वाला दिव्य ग्रंथ है – रामानुज सत्यम कृष्ण शुक्ल जी महाराज…@

शिवभक्ति और अध्यात्म का महासंगम, पोड़ी दल्हा में शिवमहापुराण कथा सप्ताह का भव्य शुभारंभ
कशिश न्यूज़ |सीपत
सृजन कला धर्मजागरण एवं आध्यात्मिक संस्था द्वारा आयोजित तथा “वैदिक पथ” के तत्वावधान में श्री शिवमहापुराण कथा एवं प्रवचन सप्ताह का भव्य एवं दिव्य शुभारंभ शनिवार को कलश यात्रा के साथ अघोरपीठ जनसेवा अभेद आश्रम, पोड़ी दल्हा में हुआ। सात दिवसीय यह धार्मिक– आध्यात्मिक आयोजन 1 जनवरी 2026 तक श्रद्धा, भक्ति और अध्यात्म की अलख जगाएगा।

इस पावन अवसर पर वृंदावन से पधारे प्रख्यात कथावाचक रामानुज सत्यम कृष्ण शुक्ल जी महाराज ने शिवमहापुराण की अमृतमयी कथाओं से श्रद्धालुओं को शिवभक्ति, ज्ञान, वैराग्य एवं अध्यात्म के रस से सराबोर किया। कथा का शुभारंभ निर्धारित समयानुसार दोपहर 2:31 बजे किया गया। कथा सप्ताह आयोजन के दौरान 28 दिसंबर 2025 को महाशिव रुद्राभिषेक का विशेष एवं भव्य आयोजन भी संपन्न होगा।
व्यासपीठ से कथा का महात्म्य बताते हुए रामानुज सत्यम कृष्ण शुक्ल जी महाराज ने कहा कि शिवमहापुराण का श्रवण मात्र से जन्म-जन्मांतर के पाप नष्ट होते हैं तथा जीवन में सुख, शांति और सद्गति की प्राप्ति होती है। उन्होंने कहा कि शिवमहापुराण केवल एक कथा नहीं, बल्कि मानव जीवन को धर्म, कर्म और मोक्ष के पथ पर अग्रसर करने वाला दिव्य ग्रंथ है।

कथावाचक ने आगे कहा कि जो श्रद्धालु निष्ठा और श्रद्धा से शिवमहापुराण का श्रवण करता है, उसके जीवन के कष्ट स्वतः दूर होते हैं, मन को स्थिरता मिलती है और शिव कृपा से परिवार में सुख-समृद्धि का वास होता है। शिवमहापुराण के श्रवण से अकाल मृत्यु का भय समाप्त होता है तथा आत्मिक शुद्धि के साथ जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है।
आयोजकों ने समस्त श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमियों एवं शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पुण्यदायी, कल्याणकारी एवं आध्यात्मिक आयोजन का लाभ उठाने की अपील की है।



