बगिया समृद्धि एम कैड योजना से जशपुर में सिंचाई व्यवस्था का आधुनिकीकरण, बनेगा देश का आदर्श मॉडल…@

कलेक्टर की अध्यक्षता में समृद्धि योजना के क्रियान्वयन को लेकर बैठक आयोजित
13 ग्रामों के 4831 हेक्टेयर क्षेत्र को आधुनिक सिंचाई सुविधा से जोड़े जाने की तैयारी
कशिश न्यूज़ | जशपुरनगर
जशपुर जिले में किसानों की सिंचाई सुविधा को सुदृढ़ और आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत बगिया समृद्धि कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण योजना की शुरुआत की जा रही है। इस संबंध में आज कलेक्टर रोहित व्यास की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई, जिसमें योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि समृद्धि योजना के अंतर्गत बगिया बैराज सह दाबित उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से जिले के 13 ग्रामों के कुल 4831 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को आधुनिक सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। इस परियोजना में पारंपरिक नहर प्रणाली के स्थान पर दाबयुक्त पाइप आधारित सिंचाई नेटवर्क विकसित किया जाएगा, जिससे जल उपयोग की दक्षता बढ़ेगी और पानी की बर्बादी रुकेगी।
बैठक में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार, समृद्धि योजना के राज्य नोडल अधिकारी आलोक अग्रवाल, परियोजना संचालक संजय पाठक, खाद्य एवं कृषि संगठन के प्रतिनिधि कृष्णन एवं श्री राजेश सहित कृषि, उद्यानिकी, जल संसाधन विभाग, कृषि महाविद्यालय तथा सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

कलेक्टर रोहित व्यास ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना में शामिल सभी 13 ग्रामों के किसानों का नाम, भूमि रकबा, सिंचित एवं असिंचित भूमि का विस्तृत विवरण संकलित किया जाए। उन्होंने कहा कि समृद्धि चौपाल के माध्यम से किसानों को योजना के लाभों की जानकारी दी जाएगी तथा फसल विविधीकरण के लिए प्रेरित किया जाएगा, ताकि परियोजना का अधिकतम लाभ किसानों को मिल सके।

जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभिषेक कुमार ने कहा कि योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जमीनी स्तर पर कार्यरत कृषि कर्मियों और कृषि महाविद्यालय के विद्यार्थियों का सहयोग लिया जाएगा। साथ ही किसानों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
समृद्धि योजना, हर बूंद का बेहतर उपयोग, बढ़ेगी किसानों की आय- आलोक अग्रवाल
राज्य नोडल अधिकारी आलोक अग्रवाल ने बताया कि समृद्धि एमकैड कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में अप्रैल 2025 में किया गया था। इस कार्यक्रम के अंतर्गत पायलट परियोजना के रूप में कांसाबेल विकासखंड के ग्राम बगिया एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए बगिया दाबित सिंचाई प्रणाली को स्वीकृति दी गई है। भारत सरकार द्वारा इस परियोजना के लिए 95.89 करोड़ रुपये की मंजूरी प्रदान की गई है।

इस योजना के माध्यम से बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकडा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल,नरियरडांड एवं ढुढुडांड ग्रामों के कुल 8454 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इनमें से 4831 हेक्टेयर खरीफ एवं 3623 हेक्टेयर रबी फसलों के लिए सिंचित क्षेत्र होगा।
परियोजना का संचालन एवं संधारण जल उपभोक्ता समिति के माध्यम से किया जाएगा। प्रारंभिक पांच वर्षों तक इसका संचालन ठेकेदार द्वारा किया जाएगा, जिसके बाद यह जिम्मेदारी जल उपभोक्ता समिति को सौंपी जाएगी। समिति में महिलाओं की सहभागिता भी सुनिश्चित की जाएगी।
योजना के अंतर्गत सौर ऊर्जा आधारित विद्युत व्यवस्था, वैज्ञानिक जल प्रबंधन प्रणाली तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से पानी के नियंत्रित उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा। खाद्य एवं कृषि संगठन के प्रतिनिधि श्री कृष्णन ने बताया कि किसानों की सक्रिय भागीदारी से जल प्रबंधन किया जाएगा और आंकड़ों के आधार पर यह तय होगा कि कहां, कब और कितना पानी देना है।
उन्होंने कहा कि बेहतर सिंचाई व्यवस्था और उन्नत कृषि पद्धतियों के माध्यम से किसानों को जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाया जाएगा, जिससे दीर्घकाल में उत्पादकता बढ़ेगी और किसानों की आर्थिक स्थिति में स्थायी सुधार होगा। यह परियोजना जशपुर जिले को सिंचाई के क्षेत्र में एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।



