बिलासपुर

खूंटाघाट से मस्तूरी तक नहर मार्ग जर्जर… बच्चों की जिंदगी दांव पर, सरकार बदलते ही अधर में लटक गई सड़क निर्माण की घोषणा…@

कशिश न्यूज | बिलासपुर

खुटाघाट से सीपत होकर मस्तूरी तक जाने वाला 40 किलोमीटर लंबा नहर मार्ग अब हादसों का रास्ता बन चुका है। जगह-जगह गड्ढे, कीचड़ और पानी से भरी इस सड़क से रोजाना सैकड़ों स्कूली बच्चे और ग्रामीण गुजरते हैं, लेकिन हर कदम पर हादसे का खतरा उनके साथ चलता है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द ही सड़क दुरुस्त नहीं हुई, तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

नहर की जर्जर सड़क

भूपेश बघेल की घोषणा, फाइलों में दबी

11 मई 2023 को सीपत में आयोजित भेंट-मुलाकात कार्यक्रम में तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस सड़क के निर्माण की घोषणा की थी। ग्रामीणों को उम्मीद जगी थी कि नहर मार्ग जल्द ही दुरुस्त होगा, मगर सरकार बदलते ही यह घोषणा महज कागजों तक सीमित रह गई। आज तक काम शुरू नहीं हो पाया।

नहर मार्ग का निर्माण 15 साल पुराना

करीब 15 साल पहले इस सड़क का डामरीकरण तत्कालीन विधानसभा उपाध्यक्ष स्व. बद्रीधार दीवान के कार्यकाल में हुआ था। उसके बाद से न तो बड़े पैमाने पर मरम्मत हुई और न ही पुनर्निर्माण। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही और अवैध रेत उत्खनन करने वाले माफियाओं के ट्रैक्टर-डंपरों ने सड़क को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।

इन्ही रास्तो से गुजरकर कई गांव बच्चे स्कूल जाते है

रजनीश सिंह का चक्काजाम भी बेअसर

तीन साल पहले बेलतरा के तत्कालीन विधायक रजनीश सिंह ने ग्राम बाम्हू में ग्रामीणों के साथ नहर मार्ग पर चक्काजाम किया था। उस समय कांग्रेस सरकार और भाजपा विधायक दोनों ने ही बड़े-बड़े भरोसे दिलाए, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। लोग आज भी टूटी-फूटी सड़क पर जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।

ग्रामीणों की पुकार

ग्रामीणों का आरोप है कि खारँग नदी से अवैध रेत उत्खनन करने वाले माफियाओं के कारण सड़क पूरी तरह खराब हो चुकी है। उनका कहना है कि यह मार्ग पूरे क्षेत्र की लाइफलाइन है। प्रशासन को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।

मस्तूरी मुख्यालय जाने में दुगनी दूरी, तिगुनी दिक्कत

सीपत तहसील से मस्तूरी ब्लॉक मुख्यालय पहुंचने का यह नहर मार्ग सबसे सीधा रास्ता है। मगर सड़क की दुर्दशा के कारण अब लोगों को बिलासपुर होकर जाना पड़ रहा है, जिससे दूरी दुगनी और समय व खर्च तिगुना हो गया है।

42 करोड़ का प्रोजल अटका

शासन को मेलनाडीह से मस्तूरी तक 40 किमी सड़क निर्माण के लिए 42 करोड़ रुपए का प्रोजल भेजा गया था और इसे बजट में भी शामिल कराया गया था। मगर अब तक वहां से कोई जानकारी नहीं आई है।

विनयधर दीवान, एसडीओ जल संसाधन विभाग, बिलासपुर

Back to top button
error: Content is protected !!
Latest news
पुश्तैनी ज़मीन पर जबरिया कब्ज़ा और फर्जी बिक्री, अब कोलवाशरी के खिलाफ़ और भड़का जन आक्रोश.. @ खूंटाघाट से मस्तूरी तक नहर मार्ग जर्जर… बच्चों की जिंदगी दांव पर, सरकार बदलते ही अधर में लटक गई सड़क... बीमार सुजान को मिला "सुकून का तोहफ़ा", इंसानियत की मिसाल बनी सीपत पुलिस,घर के आसपास डीजे पर रोक...@ करंट के चपेट में आकर 13 साल के आदित्य की मौत, पिता घायल गांव में मातम, बिजली विभाग पर लापरवाही का आर... भारी विरोध के बीच जनसुनवाई औपचारिकताएं पूरी, ग्रामीण बोले, विकास के नाम पर परोसा जा रहा प्रदूषण नही ... कोलवाशरी के खिलाफ खैरा में आज जनसुनवाई, गुस्साए ग्रामीणों की हुंकार,स्वच्छ हवा और पानी चाहिए, कोल की... छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने क्षेत्रीय ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन की जनहित याचिका खारिज की,कहा व्यक्तिगत स्वार्थ ... विरानी पब्लिक हायर सेकेंडरी स्कूल सीपत के छात्र-छात्रा का राज्य स्तरीय ताइक्वांडो प्रतियोगिता में चय... भीख माँगती मासूम बनी विद्यार्थीनी, सीपत में नायब तहसीलदार व भाजपा नेताओं की पहल से रिया को मिला शिक्... कोलवाशरी प्रोजेक्ट का कड़ा विरोध, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने राजेन्द्र धीवर के नेतृत्व में कलेक्टर को स...