बिलासपुर

सचिव स्थानांतरण मामले ने पकड़ा तूल..बिल्हा जनपद सीईओ को नोटिस..जिला पंचायत सीईओ ने पूछा…इन्हें क्यों नही किया शामिल

बिलासपुर। जिला पंचायत सामान्य सभा में ग्राम सचिवों के स्थानांतरण में भ्रष्टाचार को लेकर हंगामा के बाद जिला पंचायत सीईओ ने बिल्हा जनपद पंचायत सीईओ को पत्र भेजकर स्पष्टीकरण मांगा है। जिला पंचायत सीईओ ने जवाब मांगा है कि प्रशासन के आदेश पर बिल्हा जनपद पंचायत में कुल 45 ग्राम सचिवों का स्थानांतरण किया गया। बावजूद इसके कुछ ऐसे नाम को छोड़ दिया गया। जो लम्बे समय से एक ही ग्राम पंचायत में जमे है। मामले में जल्द से जल्द स्पष्ठीकरण भेजें। साथ ही अब तक कितने लोगों को स्थानांतरित नहीं किया गया है। जिला पंचायत को सूचीबद्ध जानकारी प्रदान करें।

जिला पंचायत सीईओ जयश्री जैन ने सामान्य सभा में सचिवों के विवास्पद स्थानांतरण मामले में पूछे गए सवाल पर बिल्हा जनपद पंचायत सीईओ को कारण बताओ नोटिस भेजकर जवाब मांगा है। जयश्री जैन अन्य सचिवों की संपूर्ण जानकारी भी देने को कहा है।

जानकारी देते चलें कि कुछ दिनों पहले सचिवों के स्थानांतरण मुद्दे को लेकर जिला पंचायत से लेकर सड़क तक जमकर हंगामा का मामला सामने आया। कई सरपंच और सचिवों ने आरोप लगाने के साथ कलेक्टर से शिकायत में बताया कि सचिवों के स्थानांतरण में भ्रष्टाचार का खेल हुआ है। सचिवों के मंशानुरूप बिल्हा जनपद पंचायत ने भ्रष्टाचार की कीमत पर स्थानांतरण सूची तैयार किया है। नियमानुसार सचिवों का स्थानांतरण दो ग्राम पंचायत सचिवों के बीच किया जाना है। खासकर तीन साल से एक ही ग्राम पंचायत में जमे सचिवों को विशेष रूप से स्थानांतरित करना है। बावजूद इसके बिल्हा जनपद पंचायत सीईओ ने ना केवल आदेश की अनदेखी किया है। बल्कि कुछ ऐसे सचिवों को..जो तीन साल से अधिक समय से एक ही पंचायत में जमे हुए हैं। उन्हें जानबूझकर नहीं हटाया गया है।

14 दिसम्बर 2022 को सामान्य सभा की बैठक में मुद्दे को सभापति अंकित गौरहा समेत अन्य सदस्यों ने गंभीरता के साथ उठाया। सभापति ने बताया कि उरतुम और मुढीपार ग्राम पंचायत सचिव तीन साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर हैं। बावजूद इसके उन्हें नहीं हटाया गया। सामान्य सभा में कांग्रेस समर्थित जनप्रतितियों ने बिल्हा जनपद पंचायत से जारी सचिवों के स्थानांतरण सूची पेश किए जाने की बात कही।

मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायत सीईओ जयश्री जैन ने बिल्हा जनपद पंचायत सीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा है। जिला पंचायत सीईओ ने जवाब मांगा है कि आखिर दोनो सचिवों का स्थानांतरण किन कारणों से नहीं किया गया। साथ ही यह भी बताने को कहा है कि जारी किए गए स्थानांतरण सूची के अतिरिक्त ऐसे कितने सचिव हैं जो तीन साल एक ही स्थान पर जमे है। और उन्हें क्यों नहीं हटाया गया है। पत्र में यह भी लिखा है कि जनपद पंचायत में कितने सचिव अपने गृहग्राम में पदस्थ हैं..पूरी जानकारी स्थानांतरण सूची के साथ जिला पंचायत में पेश करें।

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