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एनटीपीसी के 692 विस्थापितों की नौकरी पर फिर टकराव, 33 मांगों में 4 पर बनी सहमति, शेष पदों पर 3 माह में नियुक्ति का मिला आश्वासन…@

साढ़े चार घंटे चली त्रिपक्षीय बैठक, नौकरी पर दो घंटे तक गर्मागरम बहस, जनप्रतिनिधियों की कमजोरी से कई मुद्दे अधर में

कशिश न्यूज | बिलासपुर

एनटीपीसी सीपत से जुड़ी 33 सूत्रीय मांगों को लेकर सोमवार को सीपत के मंगल भवन में प्रशासन, एनटीपीसी प्रबंधन और सर्वदलीय मंच के बीच करीब साढ़े चार घंटे तक त्रिपक्षीय बैठक हुई। इसमें सबसे अहम मुद्दा 2008 में विस्थापित हुए 692 लोगों की नौकरी का रहा। प्रबंधन ने बताया कि अब तक 404 विस्थापितों को नियुक्ति दी जा चुकी है, जबकि पूर्व में निविदा आमंत्रित करने के बाद भू-विस्थापितों के 250 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन आवेदनों का तीन माह के भीतर निराकरण कर पात्र लोगों को नौकरी दी जाएगी। हालांकि 33 में से केवल 4 मुद्दों पर सहमति बन पाई, बाकी 29 मांगों पर कोई ठोस चर्चा नहीं हो सकी। जनहित के कार्यों को पूरा करने का आश्वासन जरूर मिला है।

बैठक में प्रशासन की ओर से अपर कलेक्टर श्यामसुंदर दुबे, मस्तूरी एसडीएम प्रवेश पैकरा, तहसीलदार सोनू अग्रवाल मौजूद रहे। एनटीपीसी प्रबंधन से एचआर एजीएम जयप्रकाश सत्यकाम, एचआर उप महाप्रबंधक अजीत कुमार, सीनियर मैनेजर शैलेश चौहान, जनसंपर्क अधिकारी प्रवीण रंजन भारती शामिल हुए। वहीं सर्वदलीय मंच की ओर से मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया, पूर्व विधायक इंजी. रामेश्वर खरे, जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर, जिला पंचायत सभापति प्रतिनिधि चंद्र प्रकाश सूर्या, जनपद सभापति मनोज खरे, सीपत सरपंच प्रतिनिधि योगेश वंशकार सहित प्रभावित ग्रामों के सभी सरपंच व जनपद सदस्य बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

एक एकड़ से कम जमीन वालों को नहीं मिलेगी नौकरी, प्रबंधन ने शासन की शर्तों का दिया हवाला

बैठक में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि एक एकड़ से कम जमीन वाले भू-विस्थापितों को भी नौकरी मिलनी चाहिए। इस पर प्रबंधन ने शासन की शर्तों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि केवल एक एकड़ से अधिक जमीन वाले और 20 साल से कब्जाधारी भू-विस्थापित ही नौकरी के पात्र हैं। साथ ही राज्य सरकार के नियमों के तहत इसमें आरक्षण भी लागू किया गया है।

नौकरी पर 2 घंटे तक गरमा-गरम बहस, पर 33 में से सिर्फ 4 मुद्दों पर बनी सहमति

नौकरी के मुद्दे पर दो घंटे तक तीखी बहस होती रही। शेष ढाई घंटे में केवल चार मुद्दों पर सहमति बन सकी। बाकी के 29 मुद्दों पर कोई ठोस चर्चा नहीं हो पाई। स्थानीय जनप्रतिनिधि अपनी मांगों को धारदार तरीके से नहीं रख पाए, जिससे कई जनहित के मुद्दे अधर में रह गए। बैठक के बीच विधायक लहरिया का पूर्व निर्धारित कार्यक्रम में चले जाना भी नुकसानदेह साबित हुआ। इसके बाद चर्चा और कमजोर पड़ गई।

एजीएम अनंत वासने को हटाने की मांग, जनप्रतिनिधियों ने लगाया मनमानी और अपमानजनक रवैये का आरोप

जनप्रतिनिधियों ने एनटीपीसी के एजीएम अनंत वासने को हटाने की भी मांग की। आरोप लगाया कि उनका रवैया जनप्रतिनिधियों के प्रति अपमानजनक है और राखड़ प्रबंधन में मनमानी हो रही है। विधायक लहरिया ने चेतावनी दी कि कार्रवाई नहीं होने पर प्रधानमंत्री तक पत्र लिखा जाएगा। इस पर प्रबंधन ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

सीएसआर की निर्धारित राशि अब सीधे पंचायतों के खाते में जाएगी, पहले ठेकेदारों के जरिए होती थी खर्च

बैठक में यह सहमति बनी कि प्रभावित गांवों में विकास कार्यों के लिए अब सीएसआर की निर्धारित राशि जिला पंचायत के माध्यम से सीधे ग्राम पंचायतों के खाते में जाएगी। पहले यह राशि ठेकेदारों के माध्यम से खर्च होती थी, लेकिन अब पंचायतें खुद कार्य करा पाएंगी।

स्थानीय युवाओं को 100% रोजगार, बाहरी मजदूरों की एंट्री बंद, जनप्रतिनिधियों की सहमति से होगी भर्ती

साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि प्लांट के शेष कामों में बाहरी मजदूरों को अब नहीं लिया जाएगा। क्षेत्र के लोगों को ठेका श्रमिकों में अकुशल श्रेणी के 100% रोजगार मिलेंगे और मजदूरों की भर्ती जनप्रतिनिधियों के अभिमत के बाद की जाएगी।

राखड़ प्रबंधन पर सख्ती,ओवरलोडिंग बंद, गाड़ियां तारपोलिन से ढकी होंगी, सीसीटीवी मॉनिटरिंग और धुलाई अनिवार्य

बैठक में राखड़ प्रबंधन को लेकर भी कई मुद्दे सामने आए। जनप्रतिनिधियों ने राखड़ के ओवरलोडिंग और धूल-धवकड़ की समस्या उठाई। प्रबंधन ने भरोसा दिलाया कि अब कोई वाहन ओवरलोड होकर बाहर नहीं जाएगा। इसके लिए दो वेट ब्रिज चालू हो चुके हैं और सितंबर तक तीसरा भी चालू कर दिया जाएगा। राखड़ ढोने वाली हर गाड़ी को अब तारपोलिन से ढकना अनिवार्य होगा। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरों से वाहनों की मॉनिटरिंग की जाएगी और गाड़ियां खाली होने के बाद धुलाई भी कराई जाएगी, ताकि सड़क पर धूल न फैले।

बैठक में इनकी रही उपस्थिति

इस दौरान भाजपा सीपत मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा, उपाध्यक्ष अभिलेष यादव, मन्नू ठाकुर, राज्यवर्धन कौशिक, मदन लाल पाटनवार, कृष्ण कुमार राठौर, शत्रुहन लास्कर, तामेश्वर सिंह कौशिक, हेमंत यादव, नूर मोहम्मद, प्रमोद जायसवाल, जनपद सदस्य देवेश शर्मा, रेवाशंकर साहू, जनपद सदस्य प्रतिनिधि भास्कर पटेल,जांजी सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र पाटले, गतौरा नरेंद्र वस्त्रकार, देवरी सरपंच प्रतिनिधि रूपचंद रात्रे, रांक सरपंच विक्रम सूर्यवंशी, दर्राभांठा सरपंच एनल घृतलहरे, धनिया सरपंच दुष्यंत यादव, अशोक सिंह, शिव यादव, श्याम पटेल,विजय गुप्ता, देवी कुर्रे, हरीश गुप्ता, संतोष साहू सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।

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