छत्तीसगढ़

जशपुर की खेती को मिलेगा नई तकनीक का सहारा: बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई योजना से 13 गांवों के खेतों तक पहुंचेगा पानी, 96 करोड़ की ऐतिहासिक पहल…@

काशिश न्यूज़ | जशपुर

जशपुर जिले की कृषि और सिंचाई व्यवस्था को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। मैनी नदी पर प्रस्तावित बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ के किसानों एवं अधिकारियों का एक अध्ययन दल मध्यप्रदेश के लिए रवाना हुआ। बगिया गांव से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

यह महत्वाकांक्षी योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश पर जल शक्ति मंत्रालय द्वारा शुरू किए गए कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन आधुनिकीकरण कार्यक्रम (MCAD) के अंतर्गत संचालित की जा रही है, जिसकी शुरुआत अप्रैल 2025 में हुई थी।

95.89 करोड़ की योजना, 9,866 हेक्टेयर कृषि भूमि को मिलेगा लाभ

इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में जशपुर जिले के पत्थलगांव विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत कांसाबेल विकासखंड के बगिया एवं आसपास के क्षेत्रों में लागू किया जा रहा है। भारत सरकार ने 19 सितंबर 2025 को इस परियोजना के लिए 95.89 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की। योजना के अंतर्गत बगिया, उसकुटी, रजोती, सुजीबहार, चोंगरीबहार, बांसबहार, डोकडा, सिकरिया, पतराटोली, गहिराडोहर, बीहाबल, नरियरडांड एवं ढुढुडांड सहित कुल 13 गांवों के 9,866 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को खरीफ और रबी दोनों मौसम में सिंचाई सुविधा से जोड़ा जाएगा। निर्माण कार्य 30 सितंबर 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

मध्यप्रदेश की सफल योजनाओं से सीखेंगे किसान और अधिकारी

योजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए 16 से 19 जनवरी 2026 तक अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। भ्रमण दल मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले की मोहनपुरा एवं कुंडलिया सिंचाई परियोजनाओं का अध्ययन करेगा, जहां आधुनिक, नियंत्रित और तकनीक आधारित जल वितरण प्रणाली सफलतापूर्वक लागू की गई है। अध्ययन दल में जल संसाधन विभाग के प्रमुख अभियंता इंद्रजीत उइके, कलेक्टर जशपुर रोहित व्यास, राज्य नोडल अधिकारी आलोक अग्रवाल, परियोजना निदेशक संजय पाठक सहित 32 अधिकारी-कर्मचारी तथा योजना से लाभान्वित 13 गांवों के 26 कृषक शामिल हैं, जिनमें 15 महिलाएं और 11 पुरुष कृषक हैं।

पाइप लाइन से सिंचाई, सौर ऊर्जा से संचालन

बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई योजना की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें पारंपरिक खुली नहरों के स्थान पर बंद पाइप प्रणाली से खेतों तक पानी पहुंचाया जाएगा। इससे जल की बर्बादी रुकेगी और हर किसान को उसकी जरूरत के अनुसार नियंत्रित मात्रा में पानी मिलेगा।
पूरी प्रणाली सौर ऊर्जा से संचालित होगी, जिससे बिजली पर निर्भरता घटेगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।

मोबाइल से निगरानी, महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी

योजना के तहत जल वितरण की निगरानी आधुनिक तकनीक से की जाएगी। किसान मोबाइल पर अपने खेतों तक पानी की स्थिति देख सकेंगे। जल उपभोक्ता समिति में महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य की गई है, जिससे सिंचाई प्रबंधन में उनकी भूमिका सशक्त होगी।

खेती से बाजार तक मजबूत व्यवस्था

परियोजना पूर्ण होने के बाद निर्माण एजेंसी 5 वर्षों तक संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी निभाएगी। जल उपभोक्ता समिति को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए एकमुश्त अनुदान दिया जाएगा। किसानों को आधुनिक खेती, जल प्रबंधन, फसल बिक्री और बाजार से जोड़ने का निरंतर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही कृषि उपज के संग्रहण, प्रसंस्करण और पैकेजिंग को बढ़ावा देकर किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने की व्यवस्था की जाएगी। ग्रामीण महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए कृषि आधारित आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे।

किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में मील का पत्थर

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री द्वारा पूर्व में मध्यप्रदेश में इन योजनाओं का प्रत्यक्ष अध्ययन किया गया था, जिसके बाद छत्तीसगढ़ में भी इसी तर्ज पर आधुनिक सिंचाई योजनाएं लागू करने के निर्देश दिए गए। बगिया दाबित उद्वहन सिंचाई योजना जशपुर के किसानों की आय बढ़ाने और क्षेत्र की कृषि व्यवस्था को स्थायी व मजबूत बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।

Back to top button
error: Content is protected !!
Latest news
भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा बिलासपुर ग्रामीण का संगठन विस्तार, सीपत के मदनलाल पाटनवार बने जिला उपाध्यक्... सीपत पुलिस का अवैध शराब के कारोबारियों पर ताबड़तोड़ कार्यवाही, नरगोडा व देवरी में रेड कर दो आरोपी दब... शहर को मिला क्रिकेट का नया केंद्र, बिलासा स्पोर्ट्स क्रिकेट अकादमी का भव्य शुभारंभ...@ देवरी में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी का जोरदार सदस्यता अभियान, बड़ी संख्या में ग्रामीण व युवा जुड़े संगठ... केंद्रीय बजट जनविरोधी, कागजी विकास का ढोल, जमीनी हकीकत से कोसों दूर : राजेंद्र धीवर गरीब-किसान-श्रमिक विरोधी है केंद्र का बजट: चित्रकांत श्रीवास किसान हितैषी बजट से बढ़ेगी छोटे किसानों की आमदनी: धीरेंद्र दुबे केंद्रीय बजट से छोटे उद्योगों को मिलेगा नया बल, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में मजबूत कदम — मखमूर इक़बाल... सीपत विश्राम गृह में भाजपा कार्यकर्ताओं ने देखा केंद्रीय बजट का लाइव प्रसारण, पढ़े किसने क्या कहा...@ उम्मीदों पर संगठन का ब्रेक, भाजपा पुनर्गठन में मस्तूरी को “शून्य”, कुर्सियाँ कोटा–बेलतरा में सिमटीं ...