क्राइम

बिजली कर्मचारी की करंट से मौत पर उबाल : शव रखकर परिजनों ने किया दो घंटे कार्यालय के सामने धरना, नौकरी, मुआवजा और एफआईआर की मांग

कशिश न्यूज़|सीपत

विद्युत सब स्टेशन खम्हरिया में करंट की चपेट में आकर जान गंवाने वाले ठेका कर्मचारी मुंशी राम कांगो की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव लेकर परिजन सीपत के बिजली विभाग कार्यालय के सामने पहुंच गए और वाहन में शव रखकर दो घंटे तक धरना प्रदर्शन किया।

धरना में बैठे मृतक का पुत्र सुनील

इस दौरान मृतक के परिजन, ग्राम सरपंच फिरत अनंत और विद्युत ठेका कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मौजूद रहे। प्रदर्शन के दौरान मृतक के बेटे सुनील कुमार कांगो ने पिता की मौत के लिए लापरवाही को जिम्मेदार ठहराते हुए विभाग से तीन प्रमुख मांगें रखीं जिसमे मृतक के एक परिजन को नौकरी, उचित मुआवजा और दोषियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई।

मृतक के परिजनों को समझाते जेई रंजना देवांगन

अधिकारी-ठेकेदार गायब, जेई ने दी समझाइश

धरना दो घंटे तक चला लेकिन न तो ठेकेदार और न ही विभाग का कोई बड़ा अधिकारी मौके पर पहुंचा। सिर्फ प्रभारी जेई रंजना देवांगन ही धरना स्थल पर पहुंचीं और परिजनों को समझाइश दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि विभागीय मुआवजा जल्द दिलवाया जाएगा और अन्य जरूरी प्रक्रिया भी तेजी से पूरी की जाएगी। इसके बाद जाकर परिजन और ग्रामीण शांत हुए।

विद्युत विभाग का कार्यालय जहाँ प्रदर्शन हुआ

15 वर्षों से कर रहा था सेवा, कार्यस्थल पर ही गई जान

ग्राम मड़ई निवासी 55 वर्षीय मुंशी राम कांगो बीते 15 वर्षों से खम्हरिया विद्युत सब स्टेशन में ठेका कर्मचारी के रूप में कार्यरत था। बुधवार दोपहर वह दादी अम्मा तालाब के पास पूर्व सरपंच के ट्यूबवेल कनेक्शन का टूटा सर्विस तार जोड़ने गया था। इसी दौरान चालू लाइन में करंट आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

10 हजार की मदद, लेकिन संवेदनहीन रहा विभाग

धरना प्रदर्शन के दौरान विभाग के अधीनस्थ कर्मचारियों ने आपस में सहयोग कर 10 हजार रुपये की राशि मृतक परिवार को अंतिम संस्कार के लिए दी। लेकिन विडंबना यह रही कि सीपत एई प्रमोद चौबे तक मौके पर नहीं पहुंचे, जबकि परिजन व कर्मचारी संघ किसी बड़े अधिकारी की उपस्थिति की मांग करते रहे।

ठेका कर्मचारी संघ ने उठाई मांगें

विद्युत ठेका कर्मचारी संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश मरावी ने आंदोलन स्थल से स्पष्ट कहा कि अगर अधिकारियों को ठेका कर्मियों से विद्युत पोल या तार जोड़ने का काम कराना है तो लिखित आदेश दें। साथ ही उन्होंने मांग की कि मृतक परिवार को तत्काल 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए।

क्या मिला मृतक के परिवार को?

जेई रंजना देवांगन ने बताया कि विभाग सरकारी मुआवजा, अकाउंट से कटने वाली राशि, पीएफ और मृतक की विधवा को पेंशन के रूप में प्रतिमाह 7 से 8 हजार रुपए मिलेंगे वही ठेकेदार से तत्काल 15 हजार रुपये सरपंच के खाते में दिलाया गया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रक्रिया में तेजी लाई जाएगी ताकि पीड़ित परिवार को राहत मिल सके।

वाहन में शव और प्रदर्शन करते परिजन

सवाल अब भी कायम

आखिर ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या हर हादसे के बाद इसी तरह शव लेकर प्रदर्शन ही एकमात्र रास्ता है?

Back to top button
error: Content is protected !!
Latest news
चक्काजाम के 7 महीने बाद मिली मंजूरी, 22.37 करोड़ से बनेगी खम्हरिया-सोंठी-नवापारा की सड़क कोरबा की ‘जलपरी’ भूमि ने रचा इतिहास, छत्तीसगढ़ के सर्वोच्च खेल सम्मान से सम्मानित...@ ड्रोन दीदी बनकर भर रहीं सफलता की उड़ान,नमो दीदी ड्रोन योजना ने खोला रोजगार का नया रास्ता, किसानों को... बिलासा ताल को मिला पर्यटन का नया ‘लुक’, 24.38 लाख से बने वुडन ब्रिज का वन मंत्री ने किया लोकार्पण...... 24 घंटे में लाखों की चोरी का बड़ा खुलासा, घर की रेकी कर वारदात को अंजाम देने वाले दो आरोपी गिरफ्तार,... 60 लाख की नई तहसील भवन में इंजीनियरिंग की बड़ी चूक,छत तक जाने सीढ़ी ही नहीं, उद्घाटन के पहले ही टपकन... डीईओ रामेश्वर जायसवाल ने पंधी स्कूल का किया आकस्मिक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को सराहा; गुणवत्तापूर्ण अध्... अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर सीपत भाजपा मंडल के भाजपाईयों ने किया सामूहिक योगाभ्यास, मंडल अध्यक्ष दीपक... पीएम उत्सव में किसानों को मिली सम्मान निधि की सौगात,पोड़ी में 50 किसानों को वितरित हुआ धान बीज,राजेन... केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू पहुंचे सीपत,मोदी सरकार के 12 साल की उपलब्धियां गिनाईं, बोले कश्मीर स...