ठरकपुर के रिज़र्व फॉरेस्ट में अवैध उत्खनन पर बड़ी कार्रवाई,भारतीय वन अधिनियम के तहत सरपंच व अन्य के खिलाफ अपराध दर्ज, जांच में जुटा वन विभाग…@

कशिश न्यूज़ | सीपत
सीपत सर्किल के ग्राम पंचायत ठरकपुर बिट में रिज़र्व फॉरेस्ट क्षेत्र (आरएफ-3) में मुरुम की अवैध खुदाई के मामले में वन विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। दैनिक भास्कर में समाचार के प्रकाशन के बाद वन विभाग एक्शन मोड में आया और ठरकपुर के सरपंच चन्द्रभूषण कश्यप सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर लिया गया है।
जानकारी देते चले कि ग्राम पंचायत ठरकपुर के सरपंच चन्द्रभूषण कश्यप द्वारा गांव से लगे रिज़र्व फॉरेस्ट एरिया में सोमवार और मंगलवार को सैकड़ों ट्रैक्टर मुरुम का अवैध उत्खनन कर पंचायत भवन व अन्य स्थानों पर समतलीकरण कार्य कराया जा रहा था। इस मामले में पहले ही डिप्टी रेंजर एल.के. गढ़ेवाल द्वारा पंचनामा तैयार कर उच्च अधिकारियों को जानकारी दी गई थी।

बिलासपुर रेंजर शुभम मिश्रा ने बताया कि रिज़र्व फॉरेस्ट क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अवैध उत्खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वीडियो फुटेज और गवाहों के आधार पर उत्खनन में प्रयुक्त वाहनों की जांच की जा रही है। साथ ही आरटीओ बिलासपुर के माध्यम से संबंधित वाहनों का विवरण निकलवाकर उनके खिलाफ जब्ती की कार्रवाई भी की जाएगी।

वन विभाग की इस कार्रवाई के बाद आरोपियों में हड़कंप मचा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यह कार्रवाई भविष्य में जंगल और सरकारी भूमि के संरक्षण की दिशा में एक कड़ा संदेश है। अब सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद दोषियों पर और कितनी सख्त कार्रवाई होती है।
जानकारी के अनुसार मस्तूरी जनपद पंचायत से भूमि समतलीकरण के लिए 2 लाख 70 हजार रुपये की राशि स्वीकृत हुई है, सरपंच ने लीज खदान से मुरुम खरीदने को छोड़ गांव के रिजर्व फॉरेस्ट एरिया से अवैध मुरुम का उत्खनन कर न केवल कानून का उल्लंघन किया गया, बल्कि सरकारी राजस्व और जंगल की भूमि को भी नुकसान पहुंचाया गया।



