करंट के चपेट में आकर 13 साल के आदित्य की मौत, पिता घायल गांव में मातम, बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप…@

कशिश न्यूज़ | बिलासपुर
सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम पंधी चारपारा में मंगलवार दोपहर दर्दनाक हादसा हो गया। 13 वर्षीय आदित्य सूर्यवंशी खेलते-खेलते करंट की चपेट में आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जबकि बेटे को बचाने दीवार पर चढ़े पिता संजय सूर्यवंशी भी झुलसकर गंभीर रूप से घायल हो गए। जिसका इलाज सिम्स में चल रहा है इस घटना से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है। यह पूरी घटना मृतक के छोटे भाई अंश सूर्यवंशी ने अपनी आंखों से भाई की मौत और पिता को घायल होते देखा है

जानकारी के मुताबिक आदित्य सूर्यवंशी मंगलवार की दोपहर 2 बजे घर के पास अपने छोटे भाई अंश और साथियों के साथ खेल रहा था। खेलते-खेलते वह गांव के संजय मिश्रा के बाड़ा की 6 फीट ऊंची बाउंड्रीवॉल पर चढ़ गया। और रूपेश गिरी के घर की ओर जाने लगा तभी 11 केवी लटकते हाईटेंशन तार से उसका सिर टकरा गया। करंट लगते ही आदित्य बुरी तरह झुलसकर नीचे गिर पड़ा। बेटे को गिरता देख पिता संजय भी दीवार पर चढ़ गया लेकिन वे भी करंट की चपेट में आकर घायल हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही सरपंच वीरेंद्र साहू ने थाना को सूचना दी सीपत थाना प्रभारी गोपाल सतपथी मौके पर पहुचे। दोनों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने आदित्य को मृत घोषित कर दिया, जबकि घयल पिता को सिम्स रिफर कर दिया गया जहां उसका इलाज जारी है।
बिजली विभाग की लापरवाही पर गुस्सा
गांव वालों का आरोप है कि बिजली विभाग को कई बार लटकते हुए तारों और खराब व्यवस्था की जानकारी दी गई थी, लेकिन कार्रवाई नहीं की गई। इसके बावजूद सुधार नहीं किया गया। ग्रामीणों ने विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। हादसे के बाद सीपत बिजली विभाग की जूनियर इंजीनियर रंजना देवांगन ने बताया कि वहां पोल की जरूरत थी, गड्ढा भी खोदा गया था लेकिन स्थानीय लोगों ने काम रोक दिया था। फिलहाल जांच चल रही है और व्यवस्था दुरुस्त की जाएगी।
स्वास्थ्य केंद्र भी बंद मिला
हादसे के समय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बंद था। पुलिस टीम घायल पिता-पुत्र को लेकर पहुंची तो ड्यूटी पर कोई मौजूद नहीं था। सरकारी क्वार्टर में रहने वाली नर्स ने आकर पिता को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन तब तक आदित्य की सांसें थम चुकी थीं। ग्रामीणों ने सवाल उठाया की आज भी सीपत जैसे एक बड़े गांव की सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सुविधा क्यों नहीं है।
तीन वर्ष पूर्व मां की मौत हो गई थी
संजय सूर्यवंशी के परिवार पर यह दूसरा बड़ा सदमा है। तीन साल पहले गंभीर बीमारी से पत्नी का निधन हो गया था। तब से संजय अपने तीन बच्चों के साथ गांव में रहता था।