धान खरीदी केंद्र में कांग्रेस का सख्त पहरा, पारदर्शिता की चौकीदारी शुरू… देखें नामों की पूरी सूची…@

हर केंद्र पर गठित हुई निगरानी समिति, किसानों के हक से नहीं होगा कोई समझौता : राजेंद्र धीवर
कशिश न्यूज़ | सीपत
धान खरीदी व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और किसानों के हित में सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कांग्रेस पार्टी ने सीपत ब्लॉक में बड़ी पहल की है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अनुमोदन एवं जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा भेजी गई सूची के आधार पर सीपत ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने ब्लॉक अंतर्गत सभी धान खरीदी केंद्रों में निगरानी समितियों का गठन कर दिया है।
कांग्रेस का उद्देश्य है कि इन समितियों के माध्यम से धान खरीदी प्रक्रिया पर सतत निगरानी रखी जाएगी, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर तत्काल कार्रवाई हो सके।
किसानों के हितों की रक्षा होगा प्रमुख उद्देश्य- राजेन्द्र धीवर
जिला पंचायत सदस्य एवं ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सीपत के अध्यक्ष राजेंद्र धीवर ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा अनुमोदित इस गठित निगरानी समितियों में अनुभवी कांग्रेस पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों एवं स्थानीय कार्यकर्ताओं को शामिल किया गया है। समितियों का मुख्य उद्देश्य किसानों को समय पर टोकन मिलना, सही वजन सुनिश्चित करना, शीघ्र भुगतान, बिचौलियों पर रोक, भ्रष्टाचार एवं मनमानी पर नियंत्रण तथा शासन की मंशा के अनुरूप निष्पक्ष धान खरीदी सुनिश्चित करना है। राजेन्द्र धीवर ने कहा कि धान खरीदी में किसी भी स्तर पर लापरवाही, भ्रष्टाचार या किसानों के साथ अन्याय को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कांग्रेस पार्टी हर धान खरीदी केंद्र पर किसानों की आवाज बनकर खड़ी रहेगी।
वहीं सहकारिता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष दुबे सिंह कश्यप ने कहा कि सहकारी समितियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और निगरानी समितियां व्यवस्था को मजबूत कर किसानों को राहत दिलाने का काम करेंगी। जनपद सदस्य एवं वरिष्ठ कांग्रेसी मनोज खरे ने कहा कि कांग्रेस हमेशा किसान हितैषी रही है और ये समितियां जमीनी स्तर पर किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगी।
इन केंद्रों पर गठित हुई निगरानी समितियां
ब्लॉक अंतर्गत धान खरीदी केंद्रों पर गठित निगरानी समितियों में सेवा सहकारी समिति सीपत से ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष राजेंद्र धीवर, सहकारिता प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष दुबे सिंह कश्यप, जनपद सभापति एवं वरिष्ठ कांग्रेसी मनोज खरे, रघुनाथ साहू एवं दुलार कश्यप को शामिल किया गया है। इसी तरह नरगोड़ा समिति में हेमंत जायसवाल, प्रभातपुरी गोस्वामी, घनश्याम श्रीवास, संतोष भार्गव एवं प्रमित कोरी, पोड़ी में किशन धूलिया, धनीराम साहू, सुरेंद्र पाटनवार एवं जनक कैवर्त, कौवातल में राजेंद्र पटेल, राहुल खरे, राजेश कैवर्त, सुरेंद्र सूर्यवंशी एवं गोपाल पटेल को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जांजी समिति में मनोहर पात्रे, अर्जुन साहू, अशोक सूर्यवंशी, पुरुषोत्तम राजपूत एवं उमेश चंद्राकर, देवरी में वृंदा सूर्यवंशी, दुर्गा तिवारी, पंकज राठौर, विक्रम सूर्यवंशी एवं प्रीतेश पनौरे, कौड़ियां में तानाजी राव बांकरे, राजकुमार जगत, धनेश्वर साहू एवं दिलीप मननेवार को निगरानी समिति में शामिल किया गया है। एरमसाही समिति में रामेश्वर साहू, मेघनाथ खांडेकर, नरेंद्र दिनकर, रामचंद्र यादव, बलीराम पटेल एवं रामखिलावन यादव को दायित्व सौंपा गया है।
इसी क्रम में गतौरा समिति में देव सिंह पोरते, देवी कुर्रे, वीरेंद्र शर्मा, शिवा राठौर, रामशंकर श्रीवास एवं कृष्ण कुमार राठौर, निरतू में धनश्याम नेताम, वीरेंद्र श्याम, धनीराम, सुभाष सिंह राज एवं नारायण सिंह श्याम, कुकदा में पूर्व जनपद सदस्य नूर मोहम्मद, अशोक मेंरावी, अर्जुन गंधर्व, वीरेंद्र लैहर्षण एवं माया खान को जिम्मेदारी दी गई है। खम्हरिया समिति में इसाक खान, कार्तिक सिंह मेरावी, नंद कुमार साहू, मोतीकिशोर जायसवाल एवं खिलावन ठाकुर, धनियां में रामसनेही कमल, मुकेश यादव, अश्वनी कश्यप, बजरंग धनवार एवं अर्जुन पाटनवार तथा सोंठी समिति में भागीरथी पोरते, बुटन पाटनवार, दीपक साहू, चिंताराम चंद्राकर एवं विमल तिवारी को निगरानी समिति का सदस्य बनाया गया है।



