पचरीघाट युवक मौत मामला: पीएम रिपोर्ट में खुलासा, डूबने से नहीं बल्कि गंभीर अंदरूनी चोटों से हुई मौत, हत्या की आशंका गहराई…@

परिजनों ने एसएसपी को ज्ञापन सौंप कर जांच की मांग की
कशिश न्यूज़ | बिलासपुर
सीपत थाना क्षेत्र के ग्राम नरगोड़ा निवासी 26 वर्षीय युवक राजेंद्र सूर्यवंशी उर्फ राजू की रहस्यमयी मौत अब एक गंभीर आपराधिक मामले के रूप में सामने आ रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद परिजनों ने इसे दुर्घटना या डूबने की घटना मानने से साफ इनकार करते हुए सुनियोजित हत्या की आशंका जताई है। मृतक के पिता सनोहर लाल सूर्यवंशी ने अपने रिश्तेदारों व परिजनों के साथ बिलासपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

बता दे कि राजेंद्र सूर्यवंशी पेंटिंग का कार्य करता था और वह पिछले तीन महीनों से अपनी पत्नी अनुपा सूर्यवंशी के साथ बिलासपुर के शनिचरी छात्रावास रोड, चाटीडीह स्थित अनिला टावर में रह रहा था। 13 जुलाई 2025 को वह अचानक लापता हो गया। अगले दिन 14 जुलाई को परिजनों ने सरकंडा थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। तलाश के दौरान 15 जुलाई 2025 को राजेंद्र का शव बिलासपुर के पचरीघाट से बरामद किया गया।
परिजनों का आरोप है कि शव मिलने के समय से ही उन्होंने हत्या की आशंका जताई थी, लेकिन सिटी कोतवाली पुलिस द्वारा तैयार पंचनामा में न तो हत्या की आशंका दर्ज की गई और न ही परिजनों के बयान लिए गए। मृतक के पिता सनोहर लाल सूर्यवंशी के अनुसार 6 अगस्त 2025 को प्राप्त पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट उल्लेख है कि राजेंद्र के शरीर के अंदर गंभीर चोटें थीं और उसकी कई पसलियां टूटी हुई पाई गईं थी। रिपोर्ट में मृत्यु का कारण इन्हीं गंभीर आंतरिक चोटों को बताया गया है। इसके बावजूद अब तक हत्या का अपराध दर्ज नहीं किया जाना पुलिस जांच पर सवाल खड़े करता है।
परिजनों ने जताया मिलीभगत का संदेह..?
ज्ञापन में सनोहर लाल सूर्यवंशी ने अपनी बहू अनुपा सूर्यवंशी और मृतक के दोस्त कुश कुमार सूर्यवंशी निवासी ग्राम कछार (सेंदरी) तथा आशीष सूर्यवंशी निवासी ग्राम पौंसरा के ऊपर हत्या में मिलीभगत का संदेह जताया है। उन्होंने मांग की है कि इन सभी से कड़ाई से पूछताछ की जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
जांच में लापरवाही के आरोप
परिजनों का कहना है कि घटना के अगले दिन जब उन्होंने राजेंद्र के मोबाइल नंबर पर कॉल किया, तो वही सिम कार्ड कुश कुमार के मोबाइल में लगा हुआ पाया गया, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो जाता है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
निष्पक्ष जांच और एसआईटी गठन की मांग
परिजनों ने एसएसपी से मांग की है कि मामले की जांच किसी सक्षम अधिकारी द्वारा कराई जाए और एक विशेष जांच टीम एसआईटी गठित की जाए। साथ ही गवाहों के बयान के आधार पर तत्काल हत्या का अपराध दर्ज कर, मोबाइल कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल रिपोर्ट सहित सभी तकनीकी साक्ष्यों को सुरक्षित कर जांच में शामिल किया जाए। अब देखना यह होगा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आए गंभीर तथ्यों और परिजनों के आरोपों के बाद पुलिस प्रशासन इस मामले में कब और क्या ठोस कार्रवाई करता है।



