“रक्षाबंधन पर गुप्त मिशन: मंत्री जी का एनटीपीसी में ‘अंडरकवर ऑपरेशन’ भाजपा का स्थानीय संगठन सदमे में…@

काशिश न्यूज़ | सीपत
रक्षाबंधन के दिन जहां भाई-बहन की डोरें मजबूत हो रही थीं, वहीं हमारे माननीय केंद्रीय राज्य मंत्री जी ने सीपत के एनटीपीसी सीपत का ऐसा ‘गुप्त’ दौरा किया कि न जनता को भनक लगी, न संगठन के अपने लोगों को। मानो कोई जासूसी फिल्म का सीन हो और मंत्री जी टॉम क्रूज़ मोड में हों।
सूत्रों का कहना है कि मंत्री जी विश्व आदिवासी दिवस की शाम करीब 5 बजे गोपनीय तरीके से एनटीपीसी पहुंचे और एक घंटे तक ‘हाई-लेवल मीटिंग’ करते रहे। और उसी यूनिट-5 का निरीक्षण किया, जहां कुछ दिन पहले लोहे की संरचना गिरने से तीन मजदूर घायल हुए थे और 2 की मौत हो गई थी। लेकिन अफसोस, इतने गंभीर हादसे के बाद भी दौरा कुछ यूं किया गया जैसे कोई “मिशन सीक्रेट राखी” चल रहा हो।
एनटीपीसी के हादसे में जिन दो युवा श्याम साहू 27 वर्ष और प्रताप सिंह कंवर 22 वर्ष की मौत हुई थी, और 3 घायल हुए थे सभी पोंड़ी गांव के थे एनटीपीसी से महज 5 किलोमीटर दूर रहकर भी केंद्रीय राज्य मंत्री जी का रथ मुड़ना जरूरी नहीं समझा गया। शायद संवेदना जताने का काम इस बार “गोपनीय सूची” में नहीं था। इस गंभीर घटना के बावजूद मंत्री जी का दौरा कुछ ऐसा था जैसे किसी “अंडर कवर ऑपरेशन” का हिस्सा हो
भाजपा संगठन के स्थानीय नेता भी इस रहस्यमयी दौरे को पचा नहीं पा रहे। वे यह समझने में असमर्थ है की इतने गहरे और गोपनीयता भरे इस दौरे के पीछे क्या..? राज छुपा है, क्या..? किसी सेंट्रल स्टेट मिनिस्टर को भी इतनी सतर्कता से अपने दौरे को छुपाने का फरमान ऊपर से जारी है, या फिर यह किसी सरकारी ड्रामा का हिस्सा है, जहां संवेदनशील घटना के बाद दिखावा करने की बजाय चुप्पी बनाए रखना बेहतर समझ गया। इधर सर्व समाज सर्वदलीय संघ ने 33 सूत्रीय मांगों के साथ एनटीपीसी के खिलाफ कलेक्टर को आवेदन सौंपा है, उधर मंत्री जी का दौरा ऐसे फिसल गया जैसे अखबार में छपे अदृश्य इश्तिहार।
तो जनाब,प्रभावितो के घाव और उनके दर्द को नज़रअंदाज़ कर चुपके-चुपके दौरा करना सही है या नही..? यह सवाल मंत्री जी और उनके सलाहकार को सोंचने दीजिए। क्योंकि जनता अब गोपनीयता नही जवाब चाहती है। शायद वे यही सोच रहे होंगे कि ज़ख्मो पर मरहम लगाने से बेहतर क्या है, कैमरे से बचकर निकल जाना? अब तो लोग यही कह रहे हैं की, लगता है संवेदना भी अब क्लासिफाइड हो चली है।