संस्कार भारती में गुरुपूर्णिमा उत्सव का आयोजन,”संगीत साधक कला सम्मान” से पं. श्रीप्रकाश तिवारी ‘श्रीरंग’ हुए सम्मानित…@

कशिश न्यूज़| बिलासपुर
संस्कार भारती, छत्तीसगढ़ जिला इकाई कोरबा ने गुरुपूर्णिमा उत्सव एवं गुरु सम्मान कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया। यह कार्यक्रम पीएम श्री एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय, छुरी कटघोरा के प्रांगण में किया गया।

इस गरिमामयी कार्यक्रम में मस्तूरी निवासी संगीत साधक पं. श्रीप्रकाश तिवारी ‘श्रीरंग’ को “संगीत साधक कला सम्मान” से सम्मानित किया गया। उन्होंने बनारस और मिर्जापुर की कजरी व होरी की मनमोहक प्रस्तुति देकर उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। तबले पर संगत काजू दास मानिकपुरी ने दी।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि नगर पंचायत छुरी की अध्यक्ष पद्मिनी प्रीतम देवांगन रहीं। अध्यक्षता संस्कार भारती कोरबा के जिलाध्यक्ष कामेश्वरधर दीवान ने किया। विशेष अतिथि के रूप में शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला छुरी के प्राचार्य एवं संस्कार भारती जिला संयोजक विजय कुमार वाजपेयी , नगर पंचायत छुरी उपाध्यक्ष हिराधर पंजवानी, एकलव्य विद्यालय के प्राचार्य सहित अनेक गणमान्य नागरिक, शिक्षकगण एवं छात्रगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान गुरुओं का सम्मान कर भारतीय संस्कृति की गौरवशाली परंपरा को जीवंत किया गया। संस्कार भारती द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम समाज को सांस्कृतिक चेतना एवं गुरु-शिष्य परंपरा के संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

संगीत आत्मा की साधना और संस्कृति का संरक्षण है- पं. श्रीप्रकाश तिवारी
संगीत साधक कला सम्मान से से समानित होने के बाद पं. श्रीप्रकाश तिवारी ‘श्रीरंग ने कहा, यह सम्मान मेरे लिए केवल व्यक्तिगत नहीं, अपितु उस संपूर्ण संगीत परंपरा का सम्मान है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी हमें संस्कारित करती आई है। संस्कार भारती का हृदय से आभारी हूं, जिन्होंने संगीत जैसी साधना को पहचानते हुए इस मंच पर मुझे आमंत्रित किया। यह संस्था न केवल कलाकारों को मंच देती है, बल्कि हमारी संस्कृति को जीवंत बनाए रखने का भी कार्य कर रही है। उन्होंने कहा गुरुपूर्णिमा का यह अवसर हमें यह स्मरण कराता है कि जो भी कुछ हमने पाया है, वह गुरुओं की कृपा और माता-पिता के आशीर्वाद व मार्गदर्शन से ही संभव हुआ है। इस सम्मान मैं उनके चरणों में समर्पित करता हूं।