कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, जोन की जगह मंडल प्रणाली लागू, बूथ स्तर तक मजबूती का मिशन शुरू..

सीपत ब्लॉक में 11 जोनों को किया गया 5 मंडलों में विभाजित, नए मंडल अध्यक्षों की घोषणा
ओबीसी और युवाओं को दी गई प्राथमिकता,सामान्य वर्ग में असंतोष
कशिश न्यूज | बिलासपुर
सीपत में शनिवार को ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया। भाजपा की तर्ज पर अब कांग्रेस में भी जोन प्रभारी के स्थान पर मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति की जाएगी। सीपत ब्लॉक के 11 जोनों को समायोजित करते हुए अब 5 मंडल बनाए गए हैं। प्रत्येक मंडल में 21 बूथ होंगे और हर बूथ पर 21 सदस्यीय कार्यकारिणी गठित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर ने की। विशेष रूप से पूर्व विधायक सियाराम कौशिक और मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया उपस्थित रहे।
कार्यकर्ता ही संगठन की असली ताकत: दिलीप लहरिया
सीपत विश्रामगृह में आयोजित बैठक में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने साफ तौर पर कहा कि अब कांग्रेस में कार्यकर्ता केंद्रित मॉडल पर काम होगा। उन्होंने कहा, पार्टी अब एक व्यक्ति, एक पद की नीति के तहत कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देगी, जिससे संगठन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने मंडल गठन की घोषणा को संगठनात्मक मजबूती की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया और कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
बूथ कमेटियों में युवाओं और ओबीसी वर्ग को प्राथमिकता
पूर्व बिल्हा विधायक सियाराम कौशिक ने कहा कि कांग्रेस अब बूथ स्तर पर 50 वर्ष से कम उम्र के सक्रिय और समर्पित कार्यकर्ताओं को प्रमुखता देगी। उन्होंने कहा, हमारा फोकस युवाओं और पिछड़े वर्गों को नेतृत्व में आगे लाना है, ताकि संगठन में नई सोच और ऊर्जा का समावेश हो सके ।कौशिक ने यह भी स्पष्ट किया कि इससे कांग्रेस की जनाधार और सामाजिक समीकरणों में संतुलन बनेगा, जो आगामी चुनावों में निर्णायक साबित होगा।
टीमवर्क से बनेगा कांग्रेस का गढ़: राजेंद्र धीवर
ब्लॉक अध्यक्ष राजेंद्र धीवर ने संगठन को मजबूत करने के लिए नए मंडल ढांचे को विजनरी कदम बताया। उन्होंने कहा, हमारा लक्ष्य हर बूथ को कांग्रेस का किला बनाना है। यह तभी संभव है जब हर कार्यकर्ता अपने मंडल और बूथ स्तर पर सक्रिय होंगे। धीवर ने यह भी बताया कि प्रत्येक बूथ पर 21 सदस्यीय कार्यकारिणी गठित की जाएगी, जो स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूती देगी।
संगठन में नए चेहरे, कांग्रेस में बढ़ा विश्वास
बैठक के दौरान क्षेत्र के तीन प्रभावशाली स्थानीय जनप्रतिनिधि सोंठी पंचायत के उपसरपंच देवेंद्र पोर्ते, पंच राम कश्यप और जनपद प्रतिनिधि रानू श्रीवास ने कांग्रेस का दामन थामा। इनका स्वागत पूर्व विधायक कौशिक और विधायक लहरिया ने कांग्रेस गमछा और पुष्पगुच्छ देकर किया। इस घटनाक्रम को स्थानीय सियासत में कांग्रेस की स्वीकार्यता बढ़ने का संकेत माना जा रहा है।
नए मंडल अध्यक्षों की घोषणा
बैठक के दौरान सीपत ब्लॉक के 11 जोन को 5 मंडलो में विभाजित किया गया और नए मंडलो में अध्यक्षो की नियुक्ति की गई जिसमें सोंठी मंडल अध्यक्ष भागीरथी पोर्ते, खांडा मंडल अध्यक्ष प्रमोद जायसवाल, सीपत मंडल अध्यक्ष उमेश चंद्राकर,पंधी मंडल अध्यक्ष वृंदा सूर्यवंशी तथा गतौरा मंडल अध्यक्ष राजेश्वर साहू को बनाया गया।
सामान्य वर्ग में उपेक्षा का आरोप, संगठन में असंतोष की आहट
हालांकि बैठक के उत्साह के बीच एक नाराजगी की लहर भी दिखी। कांग्रेस नेता विजय गुप्ता ने मंडल गठन पर सवाल उठाते हुए कहा, पांचों मंडलों में सामान्य वर्ग से एक भी अध्यक्ष नहीं चुना गया है। तीन मंडल ओबीसी वर्ग को दे दिए गए, यह सामान्य वर्ग के कार्यकर्ताओं के साथ नाइंसाफी है। इस बयान के बाद यह चर्चा भी तेज़ हो गई कि क्या संगठनात्मक संतुलन बनाने में कांग्रेस नेतृत्व से चूक हो गई है..? राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर यह नाराजगी आगे बढ़ी, तो इसे संभालना संगठन के लिए चुनौती बन सकता है।