लूतरा में आदिवासी दिवस पर गूंजा विकास का संकल्प, विधायक लहरिया बोले,‘समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएंगे उनका हक़…@

आदिवासी दिवस पर विकास और उत्थान का संदेश
कशिश न्यूज | सीपत
ग्राम लूतरा में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस हर्ष और उल्लास के साथ मनाया गया। परंपरागत वेशभूषा, सांस्कृतिक झलक और विकास का संकल्प इस तीनों का अद्भुत संगम पूरे कार्यक्रम में देखने को मिला। सुबह से ही सर्व आदिवासी समाज के बच्चे शहीद वीरनारायण सिंह, बिरसा मुंडा और वीरांगना रानी दुर्गावती की वेशभूषा में सज धजकर शोभायात्रा में शामिल हुए। यह शोभायात्रा लूतरा गांव की गलियों से गुजरते हुए दोपहर 2 बजे आदिवासी भवन पहुंची, पूरे रास्ते युवतियों ने आकर्षक आदिवासी गीतों पर मनमोहक ‘रेला पाटा’ नृत्य प्रस्तुत कर माहौल को उत्साह से भर दिया। आदिवासी रैली का अन्य समुदाय के लोगो ने जगह-जगह स्वागत किया।

आदिवासी भवन में आयोजित सम्मान कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने कहा की आदिवासी समाज इस धरती के मूल निवासी हैं। जंगल, जमीन और संसाधन सब आपके हैं। हमारा प्रयास होना चाहिए कि समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे हुए लोगो को मुख़्यधार जोड़ने प्रयास करना होगा। हमे चाहिए कि भले ही हम एक रोटी कम खाए, लेकिन बच्चों को जरूर पढ़ाए। लहरिया ने कहा कि विकास के लिए धन की कोई कमी नहीं होगी। उन्होंने बताया कि यहां के विकास कार्यों के लिए अब तक मैंने 10 लाख रुपये और जिला पंचायत सदस्य राजेन्द्र धीवर के माध्यम से 4 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, वह कार्य जल्द प्रारंभ हो जाएगा।

जिला पंचायत सदस्य राजेंद्र धीवर ने कहा लूथरा का विकास मेरी पहली प्राथमिकता है। यहां के सभी समाज ने एकजुटता दिखाते हुए मुझे बड़ा सम्मान दिया और भारी बहुमत से जिताया है, इसके लिए आभार मैं सभी का आभारी हूं उन्होंने कहा आगे भी मैं आदिवासी समाज के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करूंगा।
थाना प्रभारी गोपाल सतपति ने गांव की महिलाओं के नशा मुक्ति अभियान की सराहना की और कहा कि अगर समाज नशे से मुक्त हो जाए, तो इसे कोई पीछे नहीं छोड़ सकता। पुलिस इस अभियान में पूरा सहयोग करेगी। कार्यक्रम को जनपद पंचायत अध्यक्ष सरस्वती सोनवानी, जनपद सदस्य देवेश शर्मा, सरपंच चन्द्रमणि मरावी,कांग्रेस नेता प्रमोद जायसवाल,पूर्व सरपंच नारायण सिंह मरावी, इंतेजामिया कमेटी के सचिव रियाज़ अशरफी,दरगाह के खादिम शेर मोहम्मद ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।

समाज के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों को पीला गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बिटकुला, साजापाली, कुंदरूनार, परसापाली, जुहली, बनियाडीह, खम्हरिया सहित कई गांवों के लोग बड़ी संख्या में शामिल हुए। इस दौरान बच्चों की प्रस्तुतियां, महिला समूह का नशा मुक्ति संकल्प और विकास के संकल्प ने इस आदिवासी दिवस को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में अतिथियों ने लूतरा गांव से आदिवासी समाज के 51 अधिकारी-कर्मचारियों जिसमे महिला व पुरुष शामिल है। का स्मृति चिन्ह का सम्मानित किया गया, जिनमें डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक,पुलिस फौजी सहित विभिन्न क्षेत्रों में पदस्थ होकर समाज का मान बढ़ाने वाले लोग शामिल थे।
कार्यक्रम में भूत पूर्व भारतीय सेना के चंदलाल कमरों, कार्तिक मेरावी, पुष्कर मेरावी, भुवनेश्वर मेरावी, ज्ञान सिंह सरुता, शत्रुघ्न मरावी, गया प्रसाद राज, राजेन्द्र पोर्ते, भागीरथी पोर्ते सहित बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग उपस्थित रहे।