दुर्गा उत्सव व दशहरा की तैयारियों को लेकर सीपत थाना में शांति समिति की बैठक, ट्रैफिक व सुरक्षा व्यवस्था पर प्रशासन सख्त, डीजे पर रोक, परंपरागत वाद्य यंत्रों के साथ होगा विसर्जन

कशिश न्यूज़ | सीपत
आगामी दुर्गा उत्सव और दशहरा पर्व को शांति और सौहार्द्रपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सोमवार को थाना परिषर सीपत में शांति समिति,दुर्गा उत्सव समिति व जनप्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता तहसीलदार सोनू अग्रवाल और थाना प्रभारी गोपाल सतपथी ने की। अधिकारियों ने पर्व के दौरान प्रशासनिक निर्देशों का कड़ाई से पालन करने की अपील करते हुए कहा कि सभी आयोजन समिति आपसी समन्वय के साथ कार्यक्रम करें, ताकि आमजन को किसी तरह की असुविधा न हो।

बैठक में तहसीलदार सोनू अग्रवाल ने स्पष्ट कहा कि विसर्जन के दौरान डीजे बजाने की अनुमति नहीं होगी। इसके स्थान पर मांदर, झांझ, मंजीरा जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों का उपयोग किया जाए। डीजे बजाना नैतिकता की श्रेणी में नहीं आता। साथ ही यह भी कहा गया कि मंच व पंडाल सड़क पर न लगाकर व्यवस्थित तरीके से किनारे बनाए जाएं, ताकि यातायात प्रभावित न हो।
टीआई गोपाल सतपथी ने कहा कि सभी दुर्गा पंडाल और मंदिरों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की कोशिश की जाएं। दुर्गा समिति के पदाधिकारियों का नाम, पता व मोबाइल नंबर थाना को उपलब्ध कराया जाए। दशहरा के दिन ही रावण दहन किया जाए और दुर्गा प्रतिमा विसर्जन की तिथि व स्थान पूर्व से सुनिश्चित कर प्रशासन को जानकारी दी जाए।
विसर्जन के दौरान गोताखोरों की तैनाती की जाएगी और प्रशासन की ओर से एसडीआरएफ टीम भी मौजूद रहेगी। टीआई ने सख्त चेतावनी दी कि विसर्जन के समय नशा करने, शराब पीकर वाहन चलाने, चाकू-डंडा व हथियार साथ रखने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। ट्रैफिक व्यवस्था बाधित करने वालों और डीजे बजाने वालों के खिलाफ भी चालान काटा जाएगा। साथ ही यह भी निर्देश दिया गया कि शाम 6 बजे से पहले प्रतिमा का विसर्जन अवश्य कर लिया जाए।
अधिकारियों ने कहा कि किसी भी आयोजन समिति को सड़क पर अतिक्रमण या नियम विरुद्ध पंडाल लगाने की अनुमति नहीं होगी। जनप्रतिनिधि गांव में जाकर दुर्गा उत्सव समिति के साथ अपने गांव की एक संयुक्त बैठक आयोजित करके , यहां लिए गए निर्णय और निर्देशो के को बताए और पालन करें।
सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने रखी मांगें
सीपत भाजपा मंडल अध्यक्ष अभिलेश यादव, खांडा सरपंच कामता कैवर्त और मड़ई सरपंच फिरत अंनत ने कहा कि पर्व का मूल स्वरूप श्रद्धा और सौहार्द्र पर आधारित है। इसलिए समितियां प्रशासन को पूरा सहयोग दें। दशहरा के दौरान रावण दहन स्थलों पर भी सुरक्षा, ट्रैफिक, सफाई और महिला-पुरुष श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम किए जाएंगे।
बैठक में कई सरपंचों और जनप्रतिनिधियों ने अपने सुझाव रखे। सीपत सरपंच प्रतिनिधि योगेश वंशकार ने कहा कि पर्व के दौरान नवाडीह चौक स्थित मांस-मटन और मछली की दुकानों को या तो बंद कराया जाए या फिर अस्थायी रूप से दूसरे स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। ग्राम धनिया सरपंच दुष्यंत यादव ने कहा कि समितियां सड़कों पर मार्ग अवरुद्ध कर चंदा वसूली करती हैं, जिससे राहगीर परेशान होते है विवाद की स्थिति भी बन जाती है जिस पर रोक लगाई जाए। सीपत भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा ने बताया कि उनके ग्राम नवागांव में पिछले 15 वर्षों से डीजे पूरी तरह प्रतिबंधित है,अब इस ओर दूसरे गांव के लोगों को भी प्रेरित करने प्रयास करेंगे।
इस दौरान सीपत सरपंच प्रतिनिधि योगेश वंशकार, प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रदीप पांडेय, सीपत भाजपा मंडल अध्यक्ष दीपक शर्मा, भाजपा मंडल उपाध्यक्ष अभिलेश यादव, धनिया सरपंच दुष्यंत यादव, मड़ई सरपंच फिरत अनंत, सोंठी सरपंच नीता वरस्त्रकार, खाड़ा सरपंच कामता कैवर्त, नवगांव सरपंच भागवत मरकाम, उड़ागी सरपंच खगेश्वरी मेरावी, बसहा सरपंच बुधेश्वर कश्यप, प्रमोद जायसवाल, भागीरथी पोर्ते, नागेश्वर सिंह ठाकुर सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी, शांति समिति के सदस्य, जनप्रतिनिधि और पुलिस अधिकारी कर्मचारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।



