हाथियों का आतंक दो साल बाद लौटाः सीपत में फिर घुसा 4 हाथियों का झुंड, लकड़ी लेने गई महिला पर हमला,गांव में दहशत, स्कूल में छुट्टी..

कशिश न्यूज़| बिलासपुर सीपत क्षेत्र में दो साल बाद हाथियों का आतंक फिर लौट आया है। शुक्रवार देर रात कटघोरा वनमंडल से भटककर 4 हाथियों का दल सीपत क्षेत्र में प्रवेश कर गया। इनमें से एक हाथी सीपत सर्किल के भरुआडीह बिट में आबादी के बिलकुल करीब पहुंच गया, जबकि बाकी तीन हाथी खोंधरा सर्किल में दाखिल हुए।
शनिवार सुबह तक यह हाथी खोंधरा, सोंठी, कारीछापर और ठरकपुर मार्ग से होता हुआ भरुवाडीह जंगल में पहुंच गया। इसी दौरान सुबह करीब 5.30 बजे भरुवाडीह की रहने वाली संत बाई ऊईके (पति भोलाराम) जलाऊ लकड़ी लेने जंगल गई थीं। तभी भटके हुए हाथी ने उन पर हमला कर दिया। महिला की कमर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। वन विभाग ने उनका उपचार कराया।
सीपत सर्किल के डिप्टी रेंजर लक्ष्मीकांत गढ़ेवाल ने बताया कि प्रजनन काल की वजह से हाथी झुंड से बिछड़कर इस क्षेत्र में आ गया है। हाथी की हर गतिविधि पर निगरानी के लिए वन विभाग ने ठरकपुर और भरुवाडीह जंगल में सर्च ऑपरेशन शुरू किया है।
इधर हाथी के गांव में घुसने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने वन प्रबंधन समिति सर्किल सीपत के अध्यक्ष राजेश्वर कौशिक को सूचना दी, जिसके बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी ने भरुवाडीह में एक प्लॉट की फेंसिंग तोड़ दी और कई खेतों में खड़ी फसल रौंद डाली। हाथी के पगचिह्न गांव के आसपास कई स्थानों पर मिले हैं।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भरुवाडीह प्राथमिक शाला की सुबह पाली के बच्चों को छुट्टी दे दी गई। गांव और आसपास के क्षेत्रों में वन विभाग द्वारा लगातार मुनियादी कार्य किया जा रहा है। गंभीर बात यह रही कि 108 एम्बुलेंस उपलब्ध न होने के कारण घायल महिला को वन विभाग की टीम ने पुलिस की 112 वाहन से अस्पताल ले जाना पड़ा।



