अल्प वर्षा से पिछड़ने लगी खेती..राजेंद्र धीवर ने खूंटाघाट से पानी छोड़े जाने की मांग की है.. 74% है जलाशय में पानी

बिलासपुर (रियाज़ अशरफी)| जिले में कम बारिश होने की वजह से किसानों को धान के रोपाई की चिंता सताने लगी है। वर्तमान में बेलतरा, सीपत, मस्तूरी एवं पचपेड़ी तहसील में पानी की कमी होने के कारण धान की बोनी भी पिछड़ने लगा है इन सब समस्या को देखते हुए, छ.ग. शासन के मछुआ कल्याण बोर्ड उपाध्यक्ष राजेंद्र धीवर ने मस्तूरी एसडीएम महेश शर्मा से चर्चा कर खूंटाघाट जलाशय से शीघ्र ही पानी छोड़े जाने की मांग की है।

राजेंद्र धीवर ने बताया कि यह समय रोपाई का है। सावन के महीने में भी अच्छी बारिश नहीं हो रही है। जिससे खेती कार्य पिछड़ने की संभावना है ऐसे में किसानों की चिंता वाजिब है। पानी की कमी के चलते खेत सुख चुके हैं। इसका असर धान के पैदावार पर होना स्वाभाविक है। अगर समय पर खूंटाघाट जलाशय से खेतों के लिए पानी मिल जाता है तो किसानों की चिंता दूर हो जाएगी।
जानकारी देते चलें कि वर्तमान में खूंटाघाट जलाशय में 74 प्रतिशत पानी का भराव है जो किसानों को पानी देने के लिए पर्याप्त है,जलाशय में जल भराव पिछले वर्ष जुलाई की अपेक्षा 16 प्रतिशत कम है।