विधायक शकुंतला साहू के खिलाफ़ निंदा प्रस्ताव…और पुरानी मांगो को लेकर बिलासपुर के तहसीलदारों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन… मांगे पूरी नही होने पर 19 अप्रैल से आंदोलन करने की दी चेतावनी….?

बिलासपुर (रियाज़ अशरफी)। कसडोल विधायक शकुंतला साहू के खिलाफ पूरे प्रदेश के तहसीलदार लामबंद हो गए है। विधायक बलौदा बाजार तहसीलदार को धमकी देने के बाद पूरे प्रदेश के तहसीलदारों ने लामबंद होने का फैसला लिया है। सोमवार को बिलासपुर जिला के तहसीलदारों ने भी विधायक की धमकी पर निंदा प्रस्ताव पारित करते हुए कलेक्टर सौरभ कुमार को कुछ बिंदुओं में मांगो के साथ ज्ञापन सौंपा है। तहसीलदारों ने मांग पूरी ना होने कि स्थिति में 19 अप्रैल से आंदोलन की चेतावनी दी है।
बताते चलें कि तहसीलदार के तबादले और तत्काल रिलीविंग के खिलाफ छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ इकाई बिलासपुर ने निंदा प्रस्ताव पारित किया है। निंदा प्रस्ताव में कहा गया है कि पलारी तहसीलदार नीलमणि दुबे ने अवैध रेत परिवहन पर छत्तीसगढ़ गौण खनिज अधिनियम की कार्यवाही की गई थी। जिसके 1 घंटे बाद कसडोल विधायक शकुंतला साहू तहसील दफ्तर पहुंची थी व तहसीलदार को तबादला करवाने की धमकी देते हुए दुर्व्यवहार किया था।
विधायक ने अवैध परिवहन पर विधिवत की गई कार्यवाही को भी रोकने के लिए दबाव बनाया गया एवं अवैध माइनिंग को संरक्षण देते हुए 3 घंटे के भीतर ही राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के द्वारा करवाई करने वाले तहसीलदार का स्थानांतरण मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय रायपुर में किया जाना अनुचित एवं एकपक्षीय कार्यवाही है। इससे समस्त राजस्व विभाग का मनोबल गिरेगा एवं अवैध माइनिंग करने वालों के हौसले बुलंद होंगे। ट्रांसफर की कार्यवाही का छत्तीसगढ़ कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा संघ इकाई बिलासपुर ने घोर निंदा करते हुए निंदा प्रस्ताव पारित किया है
ज्ञापन देने वालों में छ.ग. कनिष्ठ प्रशासनिक सेवा कार्यकारिणी संघ के बिलासपुर जिला अध्यक्ष अतुल कुमार वैष्णव,बेलतरा तहसीलदार शशिभूषण सोनी,अतिरिक्त तहसीलदार बिलासपुर श्रीमती
तुलसी राठौर,सीपत तहसीलदार श्रीमती माया अंचल,अतिरिक्त तहसीलदार कृष्ण कुमार जायसवाल, अतिरिक्त तहसीलदार गनियारी सिद्धि गवेल,तखतपुर तहसीलदार शशांक शेखर शुक्ला,नायब तहसीलदार सकरी गुरुदत्त पँचभाये,नायब तहसीलदार बोदरी आकाश गुप्ता, नायब तहसीलदार बिलासपुर प्रकृति ध्रुव,नायब तहसीलदार बेलतरा ओमप्रकाश चंद्रवंशी सहित अन्य उपस्थित रहे।
…..जाने क्या है पूरा मामला
बलौदा बाजार जिला के पलारी तहसीलदार नीलमणि दुबे ने 29 मार्च को कसडोल विधायक एवं संसदीय सचिव सकुंतला साहू के एक समर्थक की अवैध रेत परिवहन कर रहे हाईवा पर अपने उच्चाधिकारियों के निर्देश के बाद कार्रवाई की थी। जिसके बाद तहसीलदार जब तहसील दफ्तर पहुंचे तभी एक घण्टे बाद संसदीय सचिव शकुंतला साहू भी तहसील दफ्तर पहुंच गई। उन्होंने तहसीलदार नीलमणि दुबे को अपने समर्थकों की गाड़ियों में कार्यवाही करने को लेकर जमकर फटकार लगाई थी साथ ही संसदीय सचिव सचिव ने 24 घंटे के अंदर तहसीलदार को तबादला करवा देने की धमकी भी दी थी। जिसके महज 2 घंटे बाद ही सिंगल आदेश निकालकर तहसीलदार को प्रतिनियुक्ति में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय रायपुर भेज दिया गया था।
तहसीलदारों ने ज्ञापन में यह मांगे रखी
बिलासपुर जिला के तहसीलदारों ने कलेक्टर को सौंपे गए अपने ज्ञापन में पूर्व में प्रेषित वेतन में व्याप्त वेतन विसंगति,नायब तहसीलदारों को राजपत्रित दर्जा,डिप्टी कलेक्टर पद पूर्व अनुपात 50:50 अनुसार पदोन्नति का निर्धारण, समय अंतराल पूर्ण होने पर वेतन स्लैब अनुसार डिप्टी कलेक्टर के पद पर पदोन्नति में लाभ, संसाधनों की पूर्ति वाहन एवं आवास की सुविधा, प्रोटोकॉल निर्वाचन भत्ता के साथ आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था संबंधित मांगों की पूर्ति की मांग की है।