कुकदा धान उपार्जन केंद्र में संस्था प्रबंधक का बड़ा कारनामा…किसान और शासन दोनों को लगा रहा है चुना..जांच होगी तो उजागर होगा मामला…?

बिलासपुर (रियाज़ अशरफी) – आप सभी लोगो ने एक पुरानी और मशहूर कहावत.. “जब सैंया भये कोतवाल तो अब डर काहे का” .. जरूर सुनी होगी, वर्तमान में यह कहावत कुकदा धान खरीदी केंद्र के संस्था प्रबंधक पर एक दम फिट बैठता है,
जी हां आपको बताते चले कि सीपत तहसील क्षेत्र के जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्या.शाखा धनियां के अंतर्गत आने वाले सेवा सहकारी समिति पंजी.1456 के संस्था प्रबंधक कोमल प्रसाद अहीर द्वारा धान खरीदी में किसानों से प्रति बोरी 2 से 3 किलो तक अधिक धान लेकर भारी अनियमितता बरती जा रही है, लेकिन शासन प्रशासन में बैठे हुए लोगो के पास जांच तो जांच निरीक्षण करने का भी समय नही है जानकारी मिली है कि कुकदा के धान उपार्जन केंद्र में कोई भी प्रशासनिक अधिकारी नही पहुंचे है।

प्रदेश में धान खरीदी महाअभियान का अंतिम दौर चल रहा है लगभग हर समिति में 95 प्रतिशत धान की खरीदी हो चुकी है कुकदा धान खरीदी केंद्र में भी 98 फीसदी धान की खरीदी हो चुकी है,यहां के कम्प्यूटर ऑफ़रेटर कृष्ण कुमार वस्त्रकार के बताए अनुसार समिति में 556 पंजीकृत किसान है जिनसे 608 हेक्टेयर भूमि पर 24 हजार 3 सौ क्विंटल धान की खरीदी करनी है वर्तमान में लगभग 24 हजार क्विंटल की धान खरीदी हो चुकी है।

सूखती के नाम पर किसानों से 42 किलो तो शासन को भेजे जा रहे धान 40 किलो से कम
एक ओर जहां किसान 2500 रुपए प्रति क्विंटल धान की कीमत होने से खुश नजर आ रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उनसे तौल में कुकदा धान उपार्जन केंद्र प्रभारी कोमल प्रसाद अहीर द्वारा सूखती के नाम पर सभी किसानों से प्रति बोरे में किसानों से 5 सौ ग्राम से लेकर 3 किलो तक अतिरिक्त धान लिया जा रहा है। जबकि उसी उपार्जन केंद्र से शासन को भेजे जा रहे धान का वजन 40 किलो से कम है । मामले में प्रशासन स्तर पर कार्रवाई नहीं किए जाने से किसान उपार्जन केंद्रों में ठगी का शिकार हो रहे हैं।