आबकारी विभाग की लापरवाही से टूटा भरोसा, अब इस गांव की महिलाएं खुद बनी नशामुक्ति की प्रहरी…@

एक हफ्ते में 50 लीटर से अधिक शराब व क्विंटलभर लहान जब्त, 70 महिला समूह चला रहे अभियान
कशिश न्यूज़ | बिलासपुर
वनांचल ग्राम सोंठी की महिलाएं अब शराब माफियाओं के खिलाफ खुद मोर्चा संभाल चुकी हैं। 70 महिला समूह रोजाना शाम को सरपंच नीमा वस्त्रकार के नेतृत्व में नशामुक्ति अभियान चला रहे हैं। केवल एक सप्ताह में ही महिलाओं ने डीहपारा, परसापाली, छीनपारा और धनुहारपारा से 50 लीटर से अधिक शराब व एक क्विंटल लहान जब्त कर नष्ट कर दिया।

शनिवार को भी महिलाओं ने धनुहारपारा में छापेमारी कर जमीन में दबाकर रखे गए शराब और लहान को बरामद किया। शराब को मौके पर ही आग के हवाले किया गया और लहान को नदी में बहा दिया गया। महिलाओं का कहना है कि आबकारी विभाग की कार्यवाही महज दिखावा है, अधिकारी अक्सर छापेमारी तो करते हैं लेकिन सांठगांठ कर आरोपियों को छोड़ देते हैं। यही कारण है कि शराब कारोबारियों का हौसला और बढ़ गया।
गांव के बुजुर्ग बर्बाद, बच्चे आ रहे नशे की चपेट में
सोंठी की सरपंच नीमा वस्त्रकार ने बताया कि नशे ने गांव के बुजुर्गों की जिंदगी बर्बाद कर दी है और अब स्कूली बच्चे भी इसकी गिरफ्त में आने लगे हैं। गांव में शराब और गांजे का धंधा तेजी से फैल रहा है। आबकारी विभाग से ठोस कार्रवाई की उम्मीद टूटने के बाद महिलाओं ने खुद गांव को नशामुक्त बनाने का संकल्प लिया।
ग्रामसभा का कड़ा फैसला: अब होगा जुर्माना
21 अगस्त को सर्व महिला समूह की बैठक में शराबबंदी पर सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया गया। पंचायत ने भी इस मुहिम का समर्थन किया है। ग्रामसभा ने जुर्माने का प्रावधान तय किया है जिसमे शराब बेचते पकड़े जाने पर 5 हजार रुपये, शराब पीकर गाली-गलौच करने पर 5 हजार रुपये,गांजा बेचते पकड़े जाने पर 15 हजार रुपये तय किया गया है। महिलाएं अब रोजाना शाम को अभियान चलाकर शराब कारोबारियों पर नकेल कस रही हैं। उनका कहना है, अब आबकारी विभाग भरोसेमंद नहीं रहा, सोंठी की महिलाएं ही गांव को नशामुक्त बनाएंगी। गौरतलब है कि इस पहल की जानकारी महिला समूहों ने पहले ही सीपत पुलिस को आवेदन देकर थाना प्रभारी तक पहुँचा दी है।




